बड़े बुजुर्गों को समर्पित रहा पंचम गांव चल चित्र मेले का आयोजन

झांसी। अभिनय गुरुकुल के तत्वावधान में झलकारी बाई नगर में बड़े बुजुर्गों को समर्पित पंचम गांव चल चित्र मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कवि साकेत सुमन चतुर्वेदी एवं अध्यक्षता वरिष्ठ रंग निर्देशक रामस्वरूप चक ने की। मुख्य मार्गदर्शक मुकेश सक्सेना आई बी एस रहे ।

कार्यक्रम के संयोजक अभिनेता आरिफ शहडोली ने गांव चल चित्र मेला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि दादा दादी, नाना नानी की कहानियों के माध्यम से जो हमारे मस्तिष्क में चल चित्र चलते थे उन चल चित्रों को जन-जन तक पहुंचाना, आने वाली पीढ़ी को गांव के वैभवशाली चलचित्रों के माध्यम से प्रेरित करने वाले प्रसंग बताना है । इस अवसर पर साहित्य एवं लोक कला विशेषज्ञ रामशंकर भारती ने लोक जीवन से जुड़े प्रसंगों को उद्धारित करते हुए कहा गांव हमारी आत्मा है, मुझ में आज भी गांव बसता है । जब भी अवसर मिलता है मैं अपने गांव क्योंलारी जिसे सुरीलों का गांव कहा जाता है वहां जाता हूँ ।

संपादक वाई के शर्मा ने किसानों के दर्द की कविता का प्रस्तुति करण किया। माता प्रसाद शाक्य ने लोकनाट्य टेसू की विस्तृत व्याख्या प्रस्तुत की। लेखक प्रेम कुमार गौतम ने नौ नंबर जिसे वर्तमान में वीरांगना झलकारी बाई नगर कहते हैं के इतिहास के बारे में बताया कि नौ नवंबर में बड़ी-बड़ी हस्तियां हुई हैं । मोहम्मद फारूक ने अपने कलाम से मंत्रमुग्ध कर दिया। कुशराज की कविता किसानों के जीवन पर केंद्रित रही ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कवि साकेत सुमन चतुर्वेदी ने अपने गांव से जुड़े संस्मरण सुनाते हुए कहा गांव के चलते हुए चित्र आज भी हमारे मन मस्तिष्क में अंकित हैं । कार्यक्रम के मुख्य मार्गदर्शक मुकेश सक्सेना ने कहा लेखक और कलाकार वह है जो अपनी प्रस्तुति से सभी को मंत्र मुक्त कर दें । उन्होंने अपने लेखन का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि दहलीज धारावाहिक के शीर्षक गीत का लेखन उन्होंने किया था । इस अवसर पर उन्होंने अपने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की ।

सोशल मैन आफ बुंदेलखंड डॉ मुहम्मद नईम ने कहा कि अब बुंदेलखंड फिल्म इंडस्ट्री की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। क्षेत्रीय भाषा का सिनेमा बनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बुंदेली की स्थापना पर जोर दिया जाना चाहिए। कार्यक्रम में कवि विजय सैनी को कवि बी एस कादरी पुष्प एवं मोहम्मद शाहिद को शायद हाफिज मुनव्वर सम्मान से सम्मानित किया गया।

संचालन आरिफ शहडोली ने व आभार फिरदौस कादरी ने ज्ञापित किया। कार्यक्रम में माता प्रसाद शाक्य, आबिद आरिफा फिरदौस कादरी इसराइल शाह सितारा निशा हलीमा सादिया अब्दुल कलाम अरमान मलिक अज़ान शहडोली आदि उपस्थित रहे ।