कमजोर वर्ग की सुनवाई में हो रही आना कानी, सही प्लेटफार्म की जरूरत : डॉ. बबीता सिंह चौहान
झांसी। सर्किट हाउस सभागार में जनसुनवाई के दौरान सन्नाटा छाया हुआ था, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त)बबीता सिंह चौहान के समक्ष एट जालौन से आई वृद्धा थाना प्रभारी द्वारा सुनवाई नहीं किए जाने की शिकायत करते करते फफक पड़ी, उसकी आंखों से आंसुओं की धारा बह रही थी। वृद्धा की आंखों से आंसू देख अध्यक्षा से रहा नहीं गया और उन्होंने तत्काल एट थाना प्रभारी को फोन पर वृद्धा की सुनवाई न करने पर फटकार लगाना शुरू कर दी तो थाना प्रभारी इस मामले में तरह तरह के बहाने बना कर बृद्धा को ही कठघरे में खड़ा करने लगा। उन्होंने थाना प्रभारी की क्लास लगा कर क्षेत्राधिकारी जालौन से जांच कराने का पीड़िता को आश्वासन दिया। अध्यक्षा का आन स्पाट न्याय की कार्रवाई से वहां मौजूद सभी प्रसन्न नज़र आए।
महिला अस्पताल का किया निरीक्षण
उत्तर प्रदेश के राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान अपने तीन दिन झांसी के प्रवास के दौरान आज दूसरे दिन सबसे पहले महिला अस्पताल पहुंची। जहां उन्होंने निरीक्षण करने के साथ साथ मरीजों से भी वार्ता कर कुशलक्षेम पंछी। इसके बाद वह कन्या जन्मोत्सव और गोदभराई कार्यक्रम में शामिल हुई। इसके बाद उन्होंने दोपहर बारह बजे से सर्किट हाउस में समस्त विभागों ओर महिला उत्पीड़न संबंधी शिकायती पत्रों पर कार्यवाही की समीक्षा की।
जन सुनवाई में समस्याओं का निराकरण किया
समीक्षा के बाद उन्होंने जन सुनवाई की। जनसुनवाई में सबसे ज्यादा पति ओर ससुरालियों से पीड़ित महिलाएं आई। इसके अलावा दो आवेदन राजस्व से संबंधित, एक आवेदन वृद्धा अवस्था पेंशन डेढ़ साल से नहीं मिलने का आवेदन आया। वहीं जिला जालौन के पिंडारी एक निवासी वृद्धा प्रभा देवी अपने पुत्र के साथ जन सुनवाई में उपस्थित हुई। जहां उसने आवेदन देते हुए बताया कि उसके दबंग पड़ोसी आए दिन उसका व पुत्र का उत्पीड़न कर रहे। कभी नाली का विवाद तो कभी चोरी के आरोप लगाकर मारपीट करते हैं, और उसके घर के ऊपर सीसीटीवी कैमरा लगा रखे हैं। वृद्धा ने रोते बिलखते हुए बताया कि दबंगों के उत्पीड़न के चलते वह अपने पुत्र के साथ घर नहीं रह पा रही। थाना पुलिस विपक्षियों से मिली हुई है और उनका उत्पीड़न करा रही है।
इस पर मामले की सत्यता जाने के लिए अध्यक्षा ने जिला जालौन के एट थाना प्रभारी से फोन पर वार्ता करते हुए प्रभा देवी की समस्या का निस्तारण न करने का कारण पूछा। जिस पर थाना प्रभारी ने पहले बताया कि वृद्धा के सारे आरोप झूठे है, यह लोग नाली पर कब्जा किए है इसके चलते विवाद होता है, फिर थाना प्रभारी ने बताया कि पत्थर लगाकर रास्ता बंद किए हुए है, इसके बाद थाना प्रभारी ने बताया कि वृद्धा का पुत्र पर चोरी का आरोप है और विपक्षियों को लाठी डंडा से पीटते हैं। इस पर महिला आयोग की अध्यक्ष ने थाना प्रभारी की फटकार लगाते हुए कहा कि आप लत्ते का सांप नहीं बनाए। शिकायतकर्ता एक वृद्धा है, और पुत्र शरीर से दुबला पतला यह क्या लट्ठ चलाएंगे। उन्होंने जमकर फटकार लगाते हुए वृद्धा का आवेदन लेकर सीओ जालौन को कार्यवाही के निर्देश दिए।
इस दौरान एक आवेदन में एक पीडित महिला ने बताया कि उसका पति शराब पीकर उसे मारता पीटता है, इस पर अध्यक्ष ने कहा पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी। इस पर पीड़िता ने बताया कि पुलिस को सूचना दी पुलिस आती है समझौता करा कर चली जाती है वो फिर मारता पीटता है। इस पर जन सुनवाई में मौजूद पुलिस की ओर से प्रतिनिधित्व कर रही नवागंतुक क्षेत्राधिकारी से पीड़ित महिला के शिकायती पत्र पर कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
महिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को सराहा
जन सुनवाई के बाद उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा बबीता सिंह चौहान ने बताया कि जिला महिला अस्पताल का उन्होंने पूर्व में निरीक्षण किया था उस समय काफी कमियां मिली थी उन्होंने इस पर हिदायत देते हुए कमियां दूर करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि आज महिला अस्पताल का उन्होंने निरीक्षण किया पहले से काफी बेहतर व्यवस्था है और सभी मरीजों को दवाएं ओर उपचार सही मिल रहा है, साथ ही उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश के टॉप महिला अस्पतालों में झांसी महिला अस्पताल की व्यवस्था अच्छी दिखी।
उन्होंने जन सुनवाई पर बताया कि सभी जगह पीड़ित महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण हो रहा है, लेकिन कमजोर वर्ग की सुनवाई में आना कानी हो रही है। उन्होंने कहा कि कमजोर व्यक्ति को अपनी बात कहने का सही प्लेटफॉर्म नहीं मिल रहा। ऐसे सही तरीके से कमजोर वर्ग के व्यक्ति की बात सुनकर सही तरीके से समझ कर उसका निस्तारण कराने का काम महिला आयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र महिला आयोग और राज्य महिला आयोग की पिछली कोई भी शिकायत लंबित नहीं है, सभी का निस्तारण हो गया है। उन्होंने कहा कि आज बीस शिकायतें आई थीं जिसे संबंधित विभागों को निस्तारण के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा सभी शिकायतों का जो नियमानुसार होगा उसी तरीके से पंद्रह दिवस के अंदर निस्तारण किया जाएगा। इस दौरान उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती अनुपमा लोधी, क्षेत्राधिकारी सदर, तहसीलदार सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।














