यादगार रहा बीयू के मेजर ध्यानचंद शारीरिक शिक्षा संस्थान में फ्रेशर्स व फेयरवेल का आयोजन

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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के मेजर ध्यानचंद शारीरिक शिक्षा संस्थान में फ्रेशर्स एवं फेयरवेल पार्टी का भव्य आयोजन बड़े ही उत्साह, उल्लास और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया तथा अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को भावभीनी विदाई दी गई। समारोह में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता करते हुए कार्यक्रम को अत्यंत यादगार बना दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अधिष्ठाता कला वर्ग डॉ. पुनीत बिसारिया रहे। अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव बबेले ने की। इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ शिक्षकगण डॉ. उपेंद्र सिंह तोमर, डॉ. स्वप्ना सक्सेना, डॉ. के. एल. सोनकर, डॉ. अमित श्रीवास्तव, डॉ. रूपम सक्सेना, डॉ. कृष्णा पांडेय, डॉ. विनोद कुमार बौद्ध, डॉ. रोहित तिवारी, डॉ. यज्ञपाल सिंह, सुश्री प्रीति श्रीवास, श्री कुन्देश्वर, श्री अभिमन्यु सिंह एवं श्री कुंदन सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि डॉ. पुनीत बिसारिया ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों में अनुशासन, सामंजस्य, नेतृत्व क्षमता एवं आत्मविश्वास का विकास करते हैं। उन्होंने नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं से कहा कि उनके सामने सीखने और आगे बढ़ने के असीम अवसर हैं। वहीं अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन का वास्तविक संघर्ष अब प्रारंभ होता है और उन्हें अपने लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निरंतर परिश्रम करते रहना चाहिए, ताकि वे भविष्य में उस मुकाम तक पहुंच सकें जिसकी उन्होंने कल्पना की है।

विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव बबेले ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “छात्र हमारे पास एक खाली कागज़ की तरह आता है और शिक्षक अपने ज्ञान, अनुभव एवं संस्कारों की कलम से उस कागज़ को भरने का कार्य करते हैं। यही विद्यार्थी आगे चलकर समाज और राष्ट्र के लिए उत्कृष्ट उदाहरण बनते हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, समर्पण एवं निरंतर अध्ययन के महत्व से अवगत कराया।

डॉ. उपेंद्र सिंह तोमर ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि अब समय है कि छात्र-छात्राएं अपने आगामी लक्ष्यों की तैयारी में पूरी निष्ठा के साथ जुट जाएं। उन्होंने कहा कि बी.पी.एड. एवं एम.पी.ई. के बाद विद्यार्थियों के सामने यूजीसी नेट, शोध कार्य तथा पीएचडी जैसे अनेक अवसर उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से वे शिक्षा एवं खेल जगत में उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।

डॉ. के. एल. सोनकर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अक्सर छात्र अपने शिक्षकों की अच्छाइयों एवं कमियों पर अधिक ध्यान देते हैं, जबकि यदि वे स्वयं के विकास और आत्मसुधार पर ध्यान केंद्रित करें तो वे जीवन में कहीं अधिक ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकते हैं।

डॉ. अमित श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे स्वयं भी इसी विभाग के छात्र रहे हैं और आज सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी समर्पण एवं मेहनत के साथ आगे बढ़ें तो वे भी भविष्य में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।

डॉ. विनोद कुमार बौद्ध ने अपने प्रेरणादायक वक्तव्य में विद्यार्थियों को सीमित सोच से बाहर निकलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि केवल सामान्य नौकरी तक स्वयं को सीमित न रखें, बल्कि बड़े लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि वे कुछ समय गंभीरता और लगन से तैयारी करें तो वे उच्च पदों पर पहुंचकर सम्मानजनक आय एवं प्रतिष्ठा प्राप्त कर सकते हैं। अपने उद्बोधन के दौरान उन्होंने प्रेरणादायक पंक्तियां सुनाकर विद्यार्थियों में जोश और आत्मविश्वास का संचार किया, जिससे पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

डॉ. यज्ञपाल सिंह ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी आयोजन में छोटी-मोटी कमियां होना स्वाभाविक है, लेकिन उन कमियों से निराश होने के बजाय उनसे सीख लेकर भविष्य में और बेहतर कार्य करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सुधार की भावना अपनाने की सलाह दी।

डॉ. रोहित तिवारी ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने की सबसे बड़ी कुंजी मेहनत है। उन्होंने विद्यार्थियों से कठिन परिश्रम, लगन एवं सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्यों की ओर अग्रसर होने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में छात्र-छात्राओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन को सफल बनाने में अंशिका विश्नोई, अम्बे कुमारी, अनुभवी, राकेश, कौशलेन्द्र, साक्षी, काव्या एवं अंशिका सहित अन्य विद्यार्थियों ने विशेष मेहनत एवं सहयोग प्रदान किया।

इस अवसर पर विभिन्न कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को “मिस एवं मिस्टर फ्रेशर” तथा “मिस एवं मिस्टर फेयरवेल” के खिताब से सम्मानित किया गया।

मिस एवं मिस्टर फ्रेशर

* बी.पी.ई.एस. प्रथम वर्ष से — शिवम सुनारिया एवं काव्या साहू
* बी.पी.एड. प्रथम वर्ष से — नितिन निबोरिया एवं अंजलि वर्मा

मिस एवं मिस्टर फेयरवेल

* बी.पी.ई.एस. अंतिम वर्ष से — अम्बे कुमारी एवं विकास सोलंकी
* बी.पी.एड. अंतिम वर्ष से — अभिषेक पाल एवं शैली साहू
* एम.पी.ई. अंतिम वर्ष से — सुरेंद्र प्रजापति एवं नाजनी खान

पूरे कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, गीत-संगीत, नृत्य एवं मनोरंजक गतिविधियों ने सभी का मन मोह लिया। विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन भावुक वातावरण में हुआ, जहां एक ओर नवप्रवेशित विद्यार्थियों में नए सफर को लेकर उत्साह दिखाई दिया, वहीं अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की आंखों में विभाग से बिछड़ने की भावुकता भी झलकती रही।

अंत में कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. रूपम सक्सेना ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग, समर्पण एवं सामूहिक प्रयासों से ही यह कार्यक्रम इतनी सफलता के साथ संपन्न हो सका। उन्होंने आयोजन समिति एवं विद्यार्थियों की मेहनत की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के प्रेरणादायी एवं रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए लंबे समय तक यादगार बना रहेगा।

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