प्रधानमंत्री के ग्रीन ट्रांसपोर्ट एवं ईंधन बचत के आह्वान के क्रम में व्यापारियों ने डीआरएम को सौंपा ज्ञापन, माल परिवहन को और सुगम बनाने की मांग
झांसी। प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रहित में डीजल-पेट्रोल की बचत एवं ग्रीन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने हेतु देश के व्यापारी वर्ग से रेलवे माल परिवहन को अधिकाधिक अपनाने की अपील के क्रम में, झांसी व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष संतोष साहू के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने मंडल रेल प्रबंधक/झांसी अनिरुद्ध कुमार से भेंट कर रेलवे माल परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुगम, सरल एवं व्यापारी हितैषी बनाए जाने संबंधी विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधि मंडल द्वारा ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों की समस्याओं एवं सुझावों से मंडल प्रशासन को अवगत कराया गया। इसमेंएक सुझाव पत्र सौंपते हुए व्यापारी नेता संतोष साहू ने झांसी व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश, झांसी रेलमंडल की वर्तमान माल परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, सुरक्षित और व्यापारी-हितैषी बनाने हेतु सुझाव प्रस्तुत किए जिसमें
1.*सुरक्षित परिवहन एवं निगरानी:* ओवर-कैरी (माल आगे निकल जाना) की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगे और स्टेशन परिसर में होने वाली आंशिक चोरी/क्षति हेतु जवाबदेही तय की जाए।
2.* पर्याप्त कुशल श्रमिक व्यवस्था:* एक समय पर आने वाली कई गाड़ियों से लोडिंग-अनलोडिंग हेतु पर्याप्त और प्रशिक्षित श्रमिकों (हमाल) की उपलब्धता सुनिश्चित हो, ताकि हैंडलिंग के दौरान माल की टूट-फूट न हो।
3.*त्वरित क्लेम एवं ट्रैकिंग:* माल क्षति या गुम होने की स्थिति में ‘त्वरित क्लेम’ व्यवस्था और पारदर्शी ‘रियल टाइम ट्रैकिंग’ सुविधा प्रदान की जाए।
4.*प्रक्रिया का सरलीकरण:* झांसी स्टेशन पर माल व टू-व्हीलर की बुकिंग एवं डिलीवरी प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी और सुलभ बनाया जाए।
5.*प्राथमिकता एवं समयबद्धता:* फल-सब्जी जैसे शीघ्र खराब होने वाले उत्पादों को प्राथमिकता मिले और डिलीवरी हेतु एक विश्वसनीय समय-सीमा निर्धारित हो।
6.*व्यापारी सहायता केंद्र:* व्यापारियों की समस्याओं और शिकायतों के तत्काल निवारण हेतु एक समर्पित ‘हेल्प डेस्क’ स्थापित की जाए।
7.*प्रतिस्पर्धात्मक मॉडल:* निजी ट्रांसपोर्ट की तुलना में रेलवे ‘डोर-टू-डोर’ लॉजिस्टिक मॉडल विकसित करे और भाड़े की दरों को अधिक व्यावहारिक बनाया जाए।
8.*नियमित संवाद:* रेलवे प्रशासन और व्यापारी संगठनों के बीच समय-समय पर समन्वय बैठकें आयोजित हों।
उन्होंने बताया कि रेलवे प्रशासन इन सुधारों को लागू करता है, तो निश्चित रूप से व्यापारी वर्ग पुनः बड़े स्तर पर रेलवे माल परिवहन को अपनाएगा। इससे प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को बल मिलेगा और रेलवे के राजस्व में भी भारी वृद्धि होगी।
मंडल रेल प्रबंधक ने सभी बिंदुओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा माल परिवहन को अधिक पारदर्शी एवं उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने यह भी बताया कि व्यापारियों की सुविधा हेतु रेलवे बोर्ड स्तर पर विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं, और जल्द ही इसके परिणाम सामने आयेंगे |
बैठक के दौरान व्यापारियों द्वारा मंडल रेल प्रबंधक के समक्ष पार्सल संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु “व्यापारी सहायता केंद्र” स्थापित करने की मांग रखी गई। व्यापारियों की मांग को गंभीरता से लेते हुए मंडल रेल प्रबंधक ने तत्काल अधिकारियों को निर्देशित किया, जिसके क्रम में उसी दिन व्यापारी सहायता केंद्र एवं शिकायत केंद्र के लिए मोबाइल नंबर जारी कर व्यवस्था लागू कर दी गई। इस पहल के माध्यम से अब व्यापारी सीधे संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर अपनी समस्याओं का शीघ्र समाधान प्राप्त कर सकेंगे। यह निर्णय झांसी मंडल की व्यापारियों के प्रति संवेदनशील एवं तत्पर कार्यशैली को दर्शाता है |
इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/झाँसी नीरज भट्नागर, झांसी व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष संतोष साहू, चेयरमैन मनमोहन गेडा, प्रभारी राजेंद्र अग्रवाल, महामंत्री सुजीत अग्रवाल, संयोजक पियूष रावत, कोषाध्यक्ष चौधरी फिरोज, सीपरी बाजार व्यापार महासमिति अध्यक्ष उदय सोनी, मिशन कंपाउंड ग्वालियर रोड व्यापार मंडल अध्यक्ष शिवांशु श्रीवास्तव (काके) सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।














