झांसी। चिन्मय मिशन झांसी द्वारा आयोजित तीन दिवसीय चिन्मय क्षेत्रीय ज्ञान यज्ञ का समापन आज माँ वैष्णो शक्ति पीठ, मनु विहार कॉलोनी, सिविल लाइन, झांसी में श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ ब्रह्मचारी राघवेंद्र चैतन्य के सानिध्य में दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें उपासना बब्बर, पंडित शरद मकराइया, मेघना गुप्ता, आर. पी. गुप्ता, चंदा अरोड़ा, विनय गुप्ता, हरीश अग्रवाल, कृष्णा सक्सेना, सचिव इंo मुकेश गुप्ता एवं भक्त मंडल सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।
श्री रामचरितमानस के उत्तरकाण्ड पर आधारित विषय “पुरजन गीता” पर अपने सारगर्भित प्रवचन में पूज्य ब्रह्मचारी राघवेन्द्र चैतन्य ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य अपने सभी प्रयासों द्वारा सुख की ही खोज करता है, परंतु भगवान श्रीराम बताते हैं कि जीवन को वास्तव में सुखमय बनाने का सबसे सरल एवं सुलभ साधन भक्ति है। उन्होंने कहा कि भक्ति की महिमा समस्त शास्त्रों एवं पुराणों में गाई गई है। यद्यपि शास्त्र परम सुख की प्राप्ति के लिए ज्ञान मार्ग का भी वर्णन करते हैं, किन्तु ज्ञान मार्ग पर चलने के लिए साधक को साधन चतुष्टय से सम्पन्न होना आवश्यक है। उसमें विवेक, वैराग्य, शम आदि संपत्ति तथा मुमुक्षा का होना आवश्यक बताया गया है।
ब्रह्मचारी जी ने कहा कि यदि कोई साधक ज्ञान मार्ग का अनुसरण कर उच्च आध्यात्मिक स्थिति प्राप्त भी कर ले, परंतु उसके जीवन में भक्ति न हो, तो वह परमात्मा को प्रिय नहीं होता। इसलिए भगवान स्वयं भक्ति की महिमा का गान करते हैं। उन्होंने बताया कि भक्ति की प्राप्ति सत्संग से होती है और सत्संग उसी को प्राप्त होता है जिसका हृदय शुद्ध एवं पवित्र होता है। अंत में उन्होंने भगवान श्रीराम के एक गूढ़ संदेश दिया कि जिस व्यक्ति के जीवन में श्रद्धा और विश्वास नहीं है, वह परमात्मा की सच्ची भक्ति प्राप्त नहीं कर सकता।
समापन अवसर पर माँ वैष्णो शक्ति पीठ के स्वामी सत्यनाम ने अपने आशीर्वचन में चिन्मय मिशन की शुद्ध, स्पष्ट एवं वेदान्त आधारित प्रवचन श्रृंखला की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के ज्ञान यज्ञ समाज में आध्यात्मिक जागरण एवं जीवन मूल्यों के संवर्धन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही उन्होंने चिन्मय मिशन से भविष्य में भी भक्त मंडल के ज्ञानवर्धन हेतु ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह किया।
ज्ञान यज्ञ के सफल आयोजन में चिन्मय मिशन झांसी के साधकों एवं वैष्णो शक्ति पीठ की भक्त मंडली का विशेष सहयोग रहा। सचिव ईo मुकेश गुप्ता द्वारा समापन अवसर पर आभार व्यक्त किया गया।














