राजस्थान से लेकर उत्तर प्रदेश व बिहार में फैले गिरोह के तार, मास्टर माइंड की तलाश
झांसी। एसएसपी विकास कुमार के निर्देशन में साइबर अपराध के खिलाफ झांसी पुलिस की कार्रवाई में अंतरप्रांतीय गिरोह के 8 साइबर ठगों को गिरफ्तार कर उनके चंगुल ने बंधक बनाए गए 50 महिला व पुरुषों को मुक्त कराया। गैंग के कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त 08 मोबाइल फोन एवं ₹8,300/- नगद बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त फर्जी कम्पनी/चिटफण्ड कम्पनी से संबंधित 52 फर्जी स्टाम्प पेपर, 06 रजिस्टर (गत्ता), 05 कापी, 06 डायरी, 09 प्रमाण-पत्र, एप्लीकेशन फार्म की 09 जिल्द, 01 कैशबुक, 03 इन्क्वायरी बुक तथा 01 TVS मोटरसाइकिल बरामद की गई। सरगना फरार है।
एसएसपी विकास कुमार ने बताया कि साइबर फ्रॉड से संबंधित विभिन्न पोर्टलों, यथा प्रतिबिंब, एनसीआरपी, समन्वय आदि के माध्यम से प्राप्त शिकायतों तथा कुछ पीड़ितों द्वारा फर्जी कंपनियां संचालित कर नौकरी देने का झांसा देकर उन्हें बंधक बनाए जाने संबंधी शिकायतों की जानकारी प्राप्त हुई। उक्त शिकायतों की जांच एवं संकलित सूचनाओं से ज्ञात हुआ कि कुछ व्यक्तियों द्वारा विभिन्न प्रकार के साइबर अपराध कारित करते हुए सुनियोजित एवं संगठित तरीके से लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर मोबाइल फोन कॉल एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से संपर्क कर उन्हें अपने जाल में फंसाया जा रहा है।
उक्त व्यक्तियों द्वारा भोले-भाले लोगों को अपने साथ जोड़कर नेटवर्क/मल्टी लेवल मार्केटिंग के नाम पर धनराशि की ठगी की जा रही है तथा अवैध रूप से आर्थिक लाभ अर्जित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को अपने कब्जे में लेकर जबरन बंधक बनाकर रखने एवं उनकी स्वतंत्रता का हनन किए जाने संबंधी तथ्य भी प्रकाश में आए हैं। अभियुक्तगण द्वारा साइबर अपराध एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों को सुनियोजित ढंग से अंजाम देते हुए आपस में एक-दूसरे का सहयोग किया जा रहा है तथा अपराध से अर्जित आर्थिक लाभ को साझा करते हुए संगठित रूप से आपराधिक कृत्य किया जा रहा है।
प्राप्त सूचना का संज्ञान लेते हुए झाँसी पुलिस द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक सिमरन सिंह एवं क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम असमा वकार के नेतृत्व में पुलिस टीमों का गठन किया गया। गठित पुलिस टीमों द्वारा 5 सितंबर को थाना प्रेमनगर के बिजौली चौकी क्षेत्रान्तर्गत स्थित M/S MAA LAXMI ASSOCIATE के कार्यालय, कृष्णा कॉम्पलेक्स, एल्डिको राजगढ़ में प्राप्त सूचना के संबंध में आवश्यक सूचना संकलन एवं सत्यापन की कार्यवाही की गई।
इस दौरान साइबर थाना पुलिस, थाना बरुआसागर एवं थाना बबीना पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुँचकर आवश्यक विधिक कार्यवाही की गई तथा प्रकरण से संबंधित तथ्यों एवं साक्ष्यों का संकलन किया गया। इस कार्रवाई में पुलिस ने 50 बंधक महिला व पुरुषों को मुक्त कराते हुए इस गिरोह के सदस्य राजस्थान के टोंक नरौली सिसोली निवासी रामसिंह मीणा, लखन मेहता, बबलू, बिहार के धर्मपुरा निवासी आलोक, राजस्थान के देवली निवासी प्रयागराज, टोंक निवासी मोहित वर्मा, सुरेन्द्र, नितेश को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त 08 मोबाइल फोन एवं जामा तलाशी से कुल ₹8,300/- नगद बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त फर्जी कम्पनी/चिटफण्ड कम्पनी से संबंधित 52 फर्जी स्टाम्प पेपर, 06 रजिस्टर (गत्ता), 05 कापी, 06 डायरी, 09 प्रमाण-पत्र, एप्लीकेशन फार्म की 09 जिल्द, 01 कैशबुक, 03 इन्क्वायरी बुक तथा 01 TVS मोटरसाइकिल बरामद की गई।
बंधक बनाएं लोगों से उनके परिचित व रिश्तेदारों को शिकार बनाया जाता था
मौके से हिरासत में लिए गए व्यक्तियों से की गई प्रारम्भिक पूछताछ एवं उपलब्ध साक्ष्यों से ज्ञात हुआ कि अभियुक्तगण द्वारा सुनियोजित तरीके से लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर बुलाया जाता था तथा उन्हें धमकाकर बंधक बना लिया जाता था। बंधक बनाए गए व्यक्तियों से फोन कॉल कराकर उनके परिचितों एवं अन्य लोगों को नौकरी का लालच देकर बुलवाया जाता था।
जालसाजों द्वारा एंट्री फार्म के नाम पर ₹1, 100/- तथा नौकरी प्रारम्भ कराने के नाम पर ₹25,000/-से ₹30,000/- तक की धनराशि नकद वसूल की जाती थी। इसके बाद नेटवर्किंग/मल्टी लेवल मार्केटिंग के नाम पर लोगों से धनराशि की ठगी कर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित किया जाता था। अभियुक्तगण आपस में सहयोग करते हुए विगत काफी समय से संगठित रूप से साइबर ठगी एवं अन्य आपराधिक गतिविधियां संचालित कर रहे थे।
उक्त गैंग द्वारा पूर्व में जनपद वाराणसी एवं जनपद लखनऊ में भी इसी प्रकार के फर्जी कार्यालय संचालित कर लोगों को नौकरी का झांसा देकर अवैध गतिविधियां की जा रही थीं। उक्त जनपदों की पुलिस द्वारा प्रभावी कार्यवाही करते हुए गैंग से जुड़े अन्य व्यक्तियों को लगभग 02-03 माह पूर्व गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस की कार्यवाही के बाद गैंग के कुछ सदस्य वहां से निकलकर जनपद झाँसी आए तथा विगत 02-03 माह से किराए पर कार्यालय एवं प्रशिक्षण केन्द्र बनाकर फर्जी नौकरी देने के नाम पर इसी प्रकार की अवैध गतिविधियां संचालित कर रहे थे।
एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह का मास्टर माइंड कोई और है, उसका नाम गोपनीय रखा गया है। मामले की विवेचना जारी है। उन्होंने बताया यह गिरोह उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान के कई राज्यों में सक्रिय है।
पंजीकृत अभियोगः – उक्त प्रकरण के संबंध में साईबर थाना, जनपद झाँसी पर मु0अ0सं0 20/2026 धारा 318(4)/316(2)/61(2)/336(3)/338/340(2)/112(2)/) बीएनएस व 66 127डी (आईटी व 3/4/ प्राइज चीट्स एण्ड मनी सर्कुलेशन स्कीम्स (बैनिंग) एक्ट 1978 एक्ट पंजीकृत किया गया। गिरफ्तार 08 अभियुक्तगण के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। अभियुक्तगण उपरोक्त के आपराधिक इतिहास के सम्बन्ध मे जानकारी की जा रही है।
प्रकरण में प्राप्त डिजिटल एवं अन्य साक्ष्यों का तकनीकी परीक्षण कराया जा रहा है। साइबर अपराध के माध्यम से ठगी गई धनराशि, पीड़ितों की संख्या, अभियुक्तगण द्वारा प्रयुक्त बैंक खातों/मोबाइल नंबरों/डिजिटल माध्यमों तथा इस नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों के संबंध में विस्तृत जानकारी संकलित की जा रही है। विवेचना के दौरान प्रकाश में आने वाले तथ्यों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जाएगी।














