महोबा। बुंदेलखंड संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में पृथक बुंदेलखंड राज्य निर्माण की मांग को लेकर चल रही ऐतिहासिक “गांव-गांव, पांव-पांव यात्रा” को ग्रामीण अंचलों एवं नगरों में व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हो रहा है। यात्रा का चौथा चरण आज श्रृंगी ऋषि आश्रम, खरेला (जनपद महोबा) से भव्य रूप से प्रारंभ हुआ। इसके पश्चात यात्रा चरखारी नगर के ड्योढ़ी चौराहे से नगर भ्रमण करते हुए आगे बढ़ी।
इस जनआंदोलन का नेतृत्व राजा बुंदेला (उपाध्यक्ष, बुंदेलखंड विकास बोर्ड एवं अध्यक्ष, बुंदेली सेना) द्वारा किया जा रहा है। यात्रा गुढ़ा, गौरहरी, भटेउरा, किलअउआ एवं जमाला होते हुए रात्रि विश्राम हेतु पनवाड़ी पहुंचेगी।
इस अवसर पर राजा बुंदेला ने नगरवासियों को संबोधित करते हुए पृथक बुंदेलखंड राज्य की आवश्यकता और उसके औचित्य को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल एक मांग नहीं, बल्कि बुंदेलखंड के भविष्य की निर्णायक लड़ाई है। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्र से लगभग 68 प्रतिशत तक पलायन हो रहा है, जिसका प्रमुख कारण रोजगार के अवसरों का अभाव है। आज क्षेत्र के युवाओं, किसानों और श्रमिकों को आजीविका के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन करना पड़ रहा है।
राजा बुंदेला ने अवंतीबाई इंटर कॉलेज में युवाओं एवं वरिष्ठजनों को संबोधित करते हुए कहा कि पृथक बुंदेलखंड राज्य बनने से किसानों और मजदूरों का पलायन रुकेगा। चपरासी से लेकर उपजिलाधिकारी तक अनेक प्रशासनिक पदों का सृजन होगा, जिन पर बुंदेलखंड के युवाओं को प्राथमिकता से रोजगार मिलेगा। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि जब तक युवा शिक्षित नहीं होगा, तब तक वह अपने अधिकारों की लड़ाई प्रभावी रूप से नहीं लड़ सकता।
कार्यक्रम को प्रताप बुंदेला (किसान नेता), शिवम चौहान (जिलाध्यक्ष, बुंदेली सेना, जालौन), कालूराम प्रजापति, हरिमोहन बादल प्रदेश अध्यक्ष बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा तथा श्रीमती दीपाली सिन्हा (चेयरमैन, बुंदेलखंड एकता फाउंडेशन) अपराजिता सिंह ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि बुंदेलखंड राज्य का निर्माण होकर रहेगा और राज्य बनने के बाद विकास के नए मापदंड स्थापित होंगे। उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा बुंदेलखंड की आवाज़ को जन-जन तक पहुंचाने और जन जागरूकता फैलाने का सशक्त माध्यम है।
यात्रा के दौरान जगह-जगह “बुंदेलखंड तो लेंगे-लेंगे” के गगनभेदी नारे गूंजते रहे। विभिन्न स्थानों पर पदयात्रियों का पुष्पवर्षा एवं माल्यार्पण कर जोरदार स्वागत किया गया। स्थानीय नागरिकों ने पृथक बुंदेलखंड राज्य निर्माण के लिए एकजुट होकर आंदोलन के साथ चलने का संकल्प लिया। इसमें युवाओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और एक आवाज़ में पृथक बुंदेलखंड राज्य निर्माण की मांग की।
उल्लेखनीय है कि यह पदयात्रा पहले चरण में ललितपुर, झांसी, उरई (जालौन) एवं हमीरपुर जनपदों से होकर गुजर चुकी है और अब महोबा जनपद के खरेला नगर से चौथे चरण का शुभारंभ हुआ है। इस अवसर पर राजा बुंदेला के साथ सुबोध सिन्हा (एकता फाउंडेशन), अमित पटेरिया, अरविंद सिंह पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष चरखारी एड . मंगल सिंह राजपूत, शेखचंद्र राजपूत, कृष्णा राजपूत,कल्लू राजपूत भटेवरा, पवन राजपूत ,सर्वेश सिंह मुखिया सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।














