30 रुपए के विवाद में पड़ौसी से झगड़े में गई जान, परिवार में कोहराम
झांसी। जिले के बरुआसागर थाना क्षेत्र अंतर्गत इंदीवर नगर बुधवार रात उस समय अफरातफरी मच गई जब 30 रुपए के विवाद में बेटी के सामने ही पिता की हत्या कर दी गई। बात सिर्फ इतनी थी कि ग्राहक सिलेंडर में 80 रुपए की गैस भरवाने आया था, जबकि दुकानदार ने 110 रुपए की गैस भर दी। बकाया 30 रुपए मांगने को लेकर झगड़ा हो गया। ग्राहक और उसके साथियों ने क्रिकेट बैट और डंडों से दुकानदार और उसके परिवार को बुरी तरह पीटा। इसी दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे पड़ोसी विनोद साहू (42) के पेट में चाकू घोंप कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने एक संदिग्ध हमलावर को गिरफ्तार किया है।
:बरुआसागर के इंदीवर नगर निवासी पवन कुमार राय के घर में ही गैस चूल्हे और किराना की दुकान है। रोजाना की तरह बुधवार रात को पवन दुकान पर बैठा था, तभी मोहल्ले के ईशू वंशकार, कृष्णा वंशकार समेत 3 युवक आए और कहा- परिवार में शादी है, छोटे सिलेंडर में 80 रुपए की गैस भर दो। गैस भरते समय सिलेंडर में 110 रुपए की गैस भर गई। जब 30 रुपए और मांगे, तो तीनों गाली गलौज करते हुए झगड़ा करने लगे। उनका कहना था कि ज्यादा गैस कैसे भर दी, अब कोई पैसा नहीं मिलेगा। इस पर विवाद हो गया। शोर सुनकर पवन के पिता बालकृष्ण और भाई रविंद्र राय आ गया।
इस पर आरोपियों ने क्रिकेट बैट और डंडों से उनकी मारपीट कर दी। इसी दौरान एक आरोपी भागकर शराब ठेके की तरफ गया और अपने 3 से 4 साथियों को बुलाकर ले आया। सबने मिलकर पवन, उसके पिता, भाई, भतीजे अंशु राय और अभिनव राय को बुरी तरह पीटा। झगड़े के दौरान मोहल्ले के लोग भी इकट्ठा हो गए और उन्होंने कहा कि जब 30 रुपए की गैस ज्यादा पहुंच गई है, तो पैसे दे दो, झगड़ा क्यों कर रहे हो। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले विनोद साहू 12 साल की बेटी के साथ घर के बाहर खड़े था।
विनोद ने जब पूछताछ की तभी एक आरोपी ने चाकू से पवन के ऊपर हमला कर दिया। चाकू पवन को नहीं लग कर विनोद के पेट में घुस गया। चाकू लगते ही विनोद वहीं गिर पड़ा। यह देखकर हमलावर मौके से भाग गए।मोहल्ले के लोग घायल विनोद को बरुआसागर थाने ले गए। वहां से झांसी मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
विनोद साहू की हत्या से घर में मातम छाया हुआ है।विनोद अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला था, उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। विनोद मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। विनोद के 12 साल की एक बेटी और 8 साल का एक बेटा है।












