झांसी। वह चाहती थी कि आत्मनिर्भर बने, इसके लिए वह नौकरी की तैयारी कर रही थी, किंतु असफलता ने उसे गहरी चोट पहुंचाई तो उसने ऐसा कदम उठाया कि सभी हतप्रभ रह गए। उप निरीक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा का पेपर खराब होने से डिप्रेशन में आई छात्रा ने जहर खा लिया। दो दिन बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वह घर से लगभग 65 किलोमीटर दूर झॉसी के मेहँदी बाग में किराए पर कमरा लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी।
जिले के उल्दन निवासी ट्रक चालक प्रवेन्द्र सिंह की पुत्री 25 वर्षीय कामिनी स्नातक करने के बाद पैरों पर खड़े होना चाहती थी। इसके लिए वह झाँसी के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित ऑतिया तालाब के पास एक किराए के कमरे में रह कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। जहाँ वह कमरा लिए थी, उसमें और भी किराएदार हैं।
परिजनों के अनुसार कामिनी ने उप्र उप निरीक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा दी थी। उसका पेपर बिगड़ गया था, इसलिए वह डिप्रेशन में रहने लगी थी। लगभग 8 दिन पहले वह उल्दन से झॉसी आई थी। उसने घर पर परिजनों को बताया था कि पेपर खराब होने के बाद मन बहुत खराब है। सभी ने उसे फिर से तैयारी करने के बारे में समझाया था।
इसके बाद 16 अप्रैल को कमरे में कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। जब उसकी तबियत बिगड़ी, तो जानकारी होने पर पड़ोसी किराएदार उसे मेडिकल कॉलिज ले गए। सूचना मिलने पर परिवार के लोग भी आ गए। यहाँ उपचार के दौरान शनिवार की सुबह उसकी मौत हो गई। कामिनी 3 भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम कराया है। परिजनों ने अभी तक किसी प्रकार की तहरीर नहीं दी है।












