रॉयल सिटी सट्टा सिंडिकेट में हो सकती है पूछताछ
झांसी। कहावत है कि यदि किस्मत खराब है तो ऊंट पर बैठे व्यक्ति को कुत्ता काट लेता है… यह कहावत भाजपा नेता आशीष उपाध्याय के ऊपर सटीक बैठती है। ऑन लाइन आईपीएल सट्टा के सौ करोड़ के ट्रांजेक्शन में जेल भेजे गए भाजपा नेता आशीष उपाध्याय को आखिरकार हाईकोर्ट से राहत मिलते ही वह नौ दिन बाद झांसी जेल से जैसे ही बाहर निकले और समर्थक उन्हें लेकर चले तो रास्ते में पुलिस ने उसे दोबारा हिरासत में ले लिया।
पुलिस टीम भाजपा नेता आशीष उपाध्याय को सरकारी वाहन में बैठा कर अपने साथ ले गई। फिलहाल यह अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि आशीष की किस मामले में हिरासत में लिया गया या सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल साथ में है। फिलहाल सूत्रों का कहना है कि ऑन लाइन सट्टा के सौ करोड़ ट्रांजेक्शन के मामले में फंसे भाजपा नेता आशीष उपाध्याय को हाईकोर्ट से राहत जरूर मिल गई। लेकिन थाना सीपरी बाजार में रॉयल सिटी में पकड़े गए सट्टा के मुकदमे में आशीष उपाध्याय का नाम आया था। संभवतः पुलिस उसी मामले में पूछताछ के लिए ले गई है। दरअसल रॉयल सिटी में पकड़ा गया सट्टे के सिंडिकेट में स्वाट टीम के सिपाही रजत और भाजपा नेता आशीष उपाध्याय का नाम आया था।
रिहाई के पहले जेल में अनुपम महाराज की मौजूदगी चर्चाओं में
भाजपा नेता आशीष उपाध्याय की रिहाई होने की खबर पर उनके समर्थक तो जेल परिसर पहुंचे, लेकिन कोई भाजपाई नहीं दिखाई दिया। वही अचानक दोपहर बारह बाजार लग्जरी गाड़ी से पहुंचे अनुपम महाराज जेल के अंदर गए और कुछ देर में बाहर निकल आए। इस दौरान पूछने पर उन्होंने बताया कि वह किसी से मुलाकात करने नहीं अपने काम से आए थे लेकिन वह अंदर नहीं गए। अनुपम महाराज के जेल के अंदर जाकर कुछ देर में बाहर आने पर तमाम चर्चाओं का विषय बन गया है।














