2 भाई, मां और 20 दिन पहले दादा की मौत होने से दुखी थी, अब घर में सिर्फ पिता बचे
झांसी। मायके में एक के बाद एक 2 भाई, मां और 20 दिन पहले दादा की मौत से सदमे में आई युवती ने ससुराल में फंदे से लटक कर जान दे दी तो दोनों परिवारों में मातम पसर गया। दरअसल, दो भाइयों की बीमारी से मौत हो गई थी फिर 6 महीने पहले मां भी दुनिया छोड़ गई। इसके बाद मायके में सुभद्रा (24) का हाल चाल लेने वाले दादा और पिता बचे थे। मगर 20 दिन पहले दादा भी चल बसे। बेटी की मौत से पिता भी टूट चुका है।
जिले के मोठ के साकिन गांव निवासी सुनील वर्मा की पुत्री सुभद्रा की शादी दो साल पहले पूंछ थाना क्षेत्र के इमलिया स्टेट गांव निवासी अभिषेक कोरी से हुई थी। सवा साल पहले सुभद्रा ने एक बेटी को जन्म दिया। इससे परिवार में खुशी का माहौल हो गया। दरअसल, लगभग 10 साल पहले सुनील वर्मा के छोटे बेटे तेजराम की मौत हो गई और उसके दो साल बाद बड़े बेटे सचिन की बीमारी से मौत हो गई थी। इससे परिवार दुःखी था।
अब एक बेटी सुभद्रा ही बची थी, उसे पढ़ाया-लिखाया। 11 मार्च 2024 को सुभद्रा की शादी पूंछ थाना क्षेत्र के इमलिया स्टेट गांव निवासी अभिषेक कोरी से कर दी। सवा साल पहले सुभद्रा ने एक बेटी को जन्म दिया। इससे खुशी का माहौल हो गया, किंतु दिसंबर 2025 में अचानक सुभद्रा की मां मुन्नी देवी की मौत हो गई। इससे सुभद्रा को गहरा सदमा लगा और वह उदास रहने लगी।
इसके बाद 24 अप्रैल को सुभद्रा के दादा प्रेम वर्मा की मौत हो गई। इसके बाद सुभद्रा गुमशुम रहने लगी थी। कुछ दिन पहले ही वह भतीजे के जन्मदिन में शामिल होने के लिए मायके आई थी। 13 मई को ही वह ससुराल लौटी थी। सुभद्रा के ससुर कृपाराम ने बताया उसका बेटा अभिषेक शनिवार को अपनी बेटी के बुखार के इलाज के लिए देवगांव गया था। साथ में अपनी मां अमरवती को ले गया था। घर पर बहू सुभद्रा अकेली थी। मैं भी काम पर बेदौरा गया था।
इस दौरान जब बड़ी सास राममूर्ति घर पहुंची तो कमरा अंदर से बंद था। आवाज लगाने पर भी कोई जवाब नहीं मिला तो संदेह होने पर खिड़की से देखा तो पंखे वाले लोहे के पाइप पर सुभद्रा साड़ी का फंदा बनाकर लटकी हुई थी। यह देख राममूर्ति शोर मचाती बाहर भागी। आसपास के लोग आ गए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया। सुभद्रा के एक वर्ष की एक बेटी है। वहीं, मायके वाले घर में अब सिर्फ पिता ही बचे हैं।














