झांसी। वह लोग जो कल तक आर्थिक रूप से परेशान थे उनकी जमीन बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीआईडीए) में आ जाने मुआवजे की लाखों की रकम उनके खाते में पहुंच गई तो धन को लेकर कई के परिवार में कलेश शुरू हो गये। जहां कुछ लोगों ने मुआवजा राशि का सद उपयोग कर कारोबार और मकान बनाए, वहीं कई घरों में तनाव और विवाद की स्थिति भी बढ़ी है।
ऐसे भी उदाहरण सामने आए जिसमें आर्थिक तंगी से परेशान होकर पति को छोड़ कर पत्नी या पिता को छोड़कर बच्चे चले गए वह मुआवजा मिलने पर वापस लौट आए और विवाद शुरू हो गये, किंतु रक्सा के इमलिया गांव में ऐसा मामला आया कि परिवार ही टूट गया। मुआवजा की लाखों की रकम मिलने पर पति अपनी पत्नी व बच्चे को छोड़ कर प्रेमिका के साथ रफूचक्कर हो गया। पिछले करीब एक सप्ताह से दोनों का कोई सुराग नहीं लगने पर दुखी पत्नी ने थाने पहुंचकर पुलिस से मदद की गुहार लगाई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
रक्सा के इमलिया गांव निवासी पीड़िता रुचि ने बताया कि उसका पति नीलेश व बच्चे के साथ वैवाहिक जीवन शांति पूर्वक व्यतीत हो रहा था, किंतु बीडा से उसकी जमीन की मुआवजा की रकम मिलने के बाद उसके पति का व्यवहार पूरी तरह से बदल गया। वह उसे व छह साल के बेटा को छोड़ कर अचानक घर छोड़कर चला गया।
रुचि के अनुसार, परिवार के पास जमीन अधिग्रहण के बदले लगभग एक करोड़ रुपये का मुआवजा आया था, जिसमें पति के हिस्से में करीब 25 लाख रुपये आए। इसके बाद से ही उसके पति का रहन-सहन और व्यवहार बदलने लगा। पत्नी का आरोप है कि मुआवजे की रकम मिलने के बाद पति का गांव की एक युवती से प्रेम संबंध गहरा हो गया। धीरे-धीरे उसने पत्नी और परिवार से दूरी बना ली। कुछ दिन पहले वह कथित रूप से उस युवती के साथ घर छोड़कर चला गया। तब से दोनों का कोई पता नहीं चल सका है, जिससे परिवार परेशान है।
पति के लापता होने के बाद रुचि अपने छह साल के बेटे के साथ अकेली रह गई है। उसने थाना रक्सा में प्रार्थना पत्र देकर पुलिस से पति को खोजने और न्याय दिलाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस द्वारा जांच पड़ताल की जा रही है।














