अब यात्रियों को मिलेगा अधिक सुरक्षित व समयबद्ध रेल संचालन का लाभ

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झांसी मंडल के हेतमपुर- धौलपुर खंड में ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली शुरू 

झांसी। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के मार्गदर्शन में झांसी मंडल ने रेल संरक्षा एवं परिचालन दक्षता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में हेतमपुर- धौलपुर खंड में ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली शुरू की गई है। इस नई तकनीक से ट्रेनें सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से चलेंगी, जिससे यात्रियों को लाभ मिलेगा।साथ ही इस तकनीक से ट्रेन संचालन के दौरान मानवीय त्रुटियों की संभावना कम हो जाएगी, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और अधिक सुनिश्चित हो सकेगी।

इस परियोजना के तहत, जो कठिन भू-भाग में एक बड़ी उपलब्धि है। दो प्रमुख स्टेशनों (हेतमपुर एवं धौलपुर ) पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली को उन्नत किया गया, जिससे सिग्नल संचालन और अधिक सटीक एवं तेज़ हुआ है। इस खंड में 72 अत्याधुनिक ट्रैक डिटेक्शन उपकरण (MSDAC) लगाए गए हैं, जो ट्रेन की स्थिति का सटीक पता लगाते हैं और सिग्नलिंग को और अधिक भरोसेमंद बनाते हैं।

इसके अतिरिक्त बारह सिग्नलों को अपग्रेड करके अब उन्हें चार पहलू वाला बनाया गया है, जिससे लोको पायलट को दूर से ही स्पष्ट संकेत मिलते हैं और ट्रेन की गति व नियंत्रण में सुधार होता है।

इस खंड में ऑटोमैटिक सिग्नलिंग का कार्य होने से दिल्ली- चेन्नई मेन लाइन रूट में झाँसी डिवीज़न के दैलवरा स्टेशन से नई दिल्ली तक अप और डाउन मेनलाइन में ऑटोमैटिक सिग्नलिंग हो गई है ।

झाँसी मंडल द्वारा की गई यह पहल न केवल रेल संरक्षा को सशक्त करती है बल्कि यात्रियों को अधिक समयबद्ध, सुरक्षित और विश्वसनीय यात्रा अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

इस परियोजना को अपर मंडल रेल प्रबंधक इंफ्रा प्रेम प्रकाश शर्मा, अपर मंडल रेल प्रबंधक परिचालन नंदीश शुक्ला, मंडल प्रबंधक परिचाल प्रबंधक उर्वशी, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर ( Co.) आशुतोष चौरसिया , वरिष्ठ मंडल सिगनल एवं दूरसंचार अभियंता (Co) नरेंद्र सिंह, डिप्टी चीफ सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता (प्रोजेक्ट ) मयंक अग्रवाल एवं समस्त डिवीज़न की टीम के सक्रिय सहयोग से सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

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