सपा – कांग्रेस पर चुप्पी, कहा – गाय की हत्या कराने वाली कोई भी पार्टी हो वह हमारी शत्रु
झांसी। बुंदेलखंड दौरे पर निकले बहुचर्चित जगत गुरु शंकराचार्य ज्योतिपीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने योगी – मोदी सरकार को कठघरे में खड़े करते हुए दावा किया कि 2027 का चुनाव ही गाय की रक्षा पर होगा। पार्टियों को जनता को जबाव देना होगा कि गाय की जो रक्षा नहीं कर सकता वह धक्के खाएगा। 2027 में चुनाव लड़ने वाली पार्टियां शपथ पत्र दें कि हम सत्ता में आए तो गाय को राष्ट्र माता घोषित करेंगे। हालांकि इस दौरान वह सपा और कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों पर कुछ नहीं बोले। गौरतलब है कि स्वामी जी गाय को राष्ट्र माता घोषित कराने के लिए आंदोलन चला रहे हैं।
झांसी से प्रस्थान करने के पूर्व शनिवार सुबह कुंज बिहारी मंदिर में मीडिया से चर्चा करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गो रक्षा के नाम पर योगी सरकार पर जम कर प्रहार किए। उन्होंने दोहराया कि भगवा कपड़े पहनने से कोई साधु नहीं हो जाता, साधु जैसा आचरण होना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई साधु बुलडोजर चढ़ाता है किसी पर ? साधु है तो सबसे पहले गाय माता को राष्ट्र माता घोषित कराएं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गाय की रक्षा के लिए गौशालाएं बनी है, आश्रय स्थल बने है। लेकिन वहां गायों की दुर्दशा खराब है, जिंदा गायों को कुत्ते नोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज गाय की जो दुर्दशा हो रही उसके पीछे सबसे बड़ा कारण भ्रष्टाचार है जो सरकार की योजनाएं चलती है वह धरातल पर नहीं पहुंच रही, गायों की रक्षा के नाम पर आने वाले राजस्व में भ्रष्टाचार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि इस देश में दो प्रकार से धर्म के नाम पर काम हो रहा है, एक जो धर्म को साधन समझते हैं और एक वह जो धर्म को साध्य समझते हैं। जो धर्म को साधन समझते हैं वो अपनी इच्छाओं आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए करते है, और जो धर्म को साधक समझते है वो सोचते हैं हमको तो बस ईश्वर ही मिल जाए।
उन्होंने आचार्य धीरेन्द्र शास्त्री को लेकर कहा कि वह अभी बद्रीनाथ में तपस्या कर रहे है, लेकिन वह 27 को गौ माता को राष्ट्र माता बनाने के लिए आयोजन करेंगे। उन्होंने धीरेन्द्र शास्त्री के दिव्य द्वार पर कहा कि यह बुंदेलखंड में दरबार लगाने की परम्परा स्थापित है, यह देश के लिए ऐसा भविष्य क्यों नहीं बताते कि कौन सी आपदा आने वाली है, जिससे देश का लोक कल्याण हो सके। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय देश की सरकार को दिव्य दरबार लगाने वालों से कॉन्ट्रैक्ट करना चाहिए ताकि आपदा आने से पहले मालूम पड़ जाए ओर देश का लोक कल्याण हो सके।
उन्होंने कॉकरोज जनता पार्टी के गठन पर कहा कि जो लोग राजनीति कार्य करना चाहते है वह रजिस्ट्रेशन कराएं और पार्टी बनाएं यह सबका अधिकार है, उन्होंने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियों से युवा परेशान है इसलिए लोग संगठित हो रहे हैं। उन्होंने बंगाल में 14 साल से ऊपर की गाय को शॉट करने के आदेश पर कहा कि यह कानून 1950 का है भाजपा ने नहीं बनाया। वर्तमान में भाजपा की सरकार है तो क्यों इस कानून को समाप्त नहीं कर रहे क्या 14 साल तक हमारी मां है गाय और 14 साल के बाद सब्जी भाजी है क्या जो शॉट कर दी जाए यह परिभाषा आपत्ति जनक है।
अभी हाल ही में कुंभ के दौरान उनके ऊपर दर्ज हुए मुकदमे पर शंकराचार्य ने कहा कि यह संविधान के लिए बहुत ही विचारणीय है कि कोई भी अंजान व्यक्ति आए और काल्पनिक कहानी बनाकर किसी के भी खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दे और फिर सभी जूडिशियली चलने लगती है। फिलहाल उन्हें सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है और इस बात को जुडिशियल भी समझ रही कि वह याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी।
उन्होंने सवाल किया कि जिस प्रकार भाजपा कह रही बंगाल से घुस पेठिया बाहर हो जाएं तो वह अंदर आए कैसे ? 12 वर्षों से देश में मोदी की सरकार है और अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर की सुरक्षा ममता सरकार की नहीं मोदी सरकार की थी तो वह रोहिंग्या अंदर सीमा में कैसे आए, लोग ममता सरकार का नाम लेकर मोदी सरकार को बचाते हैं।
उन्होंने कहा कि 2027 में गौ माता की रक्षा पर ही चुनाव होगा। पार्टियां जो सत्ता में है वह गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करे ओर हो पार्टियां सत्ता में नहीं वह शपथ पत्र दे कि वह सरकार में आते ही गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाएंगे, उन्होंने कहा कि गाय के नाम पर पार्टियों ने पूजा आरती कर फोटो खिंचवा कर जनता को धोखा दिया है, लेकिन अब पार्टियों को जनता को जबाव देना होगा गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करना होगा। उन्होंने कहा कि जो शपथ पत्र का पालन नहीं करेगा वह धक्के खाएगा।
हालांकि इस दौरान वह सपा और कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों पर कुछ नहीं बोले, किंतु इतना जरूर कहा कि गाय की हत्या कराने वाली कोई भी पार्टी हो वह हमारी शत्रु है। गाय की रक्षा गाय को राष्ट्र माता घोषित कराना ही हमारा धर्म है। इसके बाद वह झांसी से जालौन के लिए प्रस्थान कर गए।














