झांसी। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल ने रेल सुरक्षा एवं तकनीकी उन्नयन के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार के कुशल मार्गदर्शन तथा विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से दिनांक 30 मई 2026 को खैरार स्टेशन से संबद्ध समपार फाटक संख्या एस-451 पर इंटरलॉकिंग कार्य सफलतापूर्वक कमीशन कर दिया गया।
यह कार्य निर्धारित डिस्कनेक्शन अवधि के दौरान दोपहर 12:05 बजे से 12:25 बजे तक सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस कार्य के पूर्ण होने से समपार फाटक पर रेल एवं सड़क यातायात की सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा फाटक का संचालन अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय एवं आधुनिक तकनीक आधारित हो सकेगा।
सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग द्वारा उक्त समपार फाटक पर एईडब्ल्यू निर्मित पावर ऑपरेटेड लिफ्टिंग बैरियर (पीओएलबी) के साथ स्लाइडिंग बूम की व्यवस्था प्रदान की गई है। इससे फाटक संचालन की सुरक्षा एवं कार्यकुशलता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
इसके अतिरिक्त निम्नलिखित आधुनिक उपकरण स्थापित किए गए हैं—
• एफ्ट्रॉनिक्स निर्मित आरटीयू (रिमोट टर्मिनल यूनिट)
• एईडब्ल्यू निर्मित ईएलडी (इलेक्ट्रॉनिक लिफ्टिंग डिवाइस)
• जनरल ऑटो इलेक्ट्रिक निर्मित फ्यूज अलार्म सिस्टम
विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्टेटकॉन एनर्जिया निर्मित आईपीएस (इंटीग्रेटेड पावर सप्लाई) के साथ 200 एएच क्षमता का बैटरी बैंक भी स्थापित किया गया है, जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी प्रणाली का संचालन निर्बाध रूप से जारी रह सकेगा।
नई व्यवस्था के सुरक्षित एवं प्रभावी संचालन हेतु सभी गेटमैन को विस्तृत काउंसलिंग एवं ट्रेनिंग प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान सामान्य संचालन, आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली कार्यवाही तथा उपकरणों के सुरक्षित उपयोग संबंधी आवश्यक जानकारी दी गई।
इस कार्य के सफल क्रियान्वयन में वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता (सीनियर डीएसटीई) नरेंद्र सिंह एवं वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर ब्रांच लाइन रश्मि गौतम के दिशा निर्देशन में सहायक मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता (एडीएसटीई) रामकीरथ यादव तथा अनुभाग प्रभारी वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (एसएसई/सिग्नल) मोहम्मद सलमान खान के नेतृत्व में सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही अभियंत्रण, विद्युत एवं परिचालन विभागों का भी सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ।
यह उपलब्धि झांसी मंडल द्वारा रेल सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने, आधुनिक सिग्नलिंग तकनीक को बढ़ावा देने तथा सुरक्षित एवं विश्वसनीय रेल परिचालन सुनिश्चित करने की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। झांसी मंडल भविष्य में भी इसी प्रकार की तकनीकी उन्नयन परियोजनाओं के माध्यम से भारतीय रेल की सुरक्षा एवं परिचालन दक्षता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।














