दौड़ती मालगाड़ी दो हिस्सों में बंटी

0
36

दो माह में तीसरी अनकपलिंग घटना, सुरक्षित रेल संचालन पर सवाल गहरे

सतना मप्र संवाद सूत्र। सतना-मानिकपुर रेलखंड में चलती मालगाड़ी दो हिस्सों में बंट गई। घटना से रेल संचालन प्रभावित हुआ और कई यात्री ट्रेनें विलंबित रहीं। लगातार तीसरी ऐसी घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मानिकपुर-सतना रेलखंड में मालगाड़ी के दो हिस्सों में बटने की घटना ने रेलवे प्रशासन के बीच हड़कम्प मचा कर रख दिया। इस घटना की वजह से एक बार फिर सुरक्षित रेल संचालन पर सवाल उठ रहे हैं। रेलवे अधिकारियों द्वारा घटना क्यों हुई? इस बात को लेकर जांच शुरू कर दी है, वहीं दो हिस्सों में मालगाड़ी बटने से डाउन की गाड़ियों का संचालन घंटों प्रभावित रहा।

बताया जाता है कि शनिवार की अपराह्न लगभग साढ़े 3 बजे सतना जंक्शन से प्रयागराज की तरफ जा रही बॉक्सन डिब्बों की मालगाड़ी मझगवां-टिकरिया स्टेशन के बीच अनकपल हो गई। मालगाड़ी के दो भागों में बटते ही डाउन ट्रैक प्रभावित हो गया और यात्री ट्रेनों का संचालन कुछ समय के लिए लड़खड़ा गया। घटना की जानकारी लगते ही सतना स्टेशन से स्टाफ रवाना किया गया। रेलवे कर्मचारियों के अनुसार कपलर टूटने की वजह से मालगाड़ी अनकपल हुई।

ये गाड़ियां हुईं प्रभावित

मालगाड़ी के अनकपल होने की घटना से सबसे ज्यादा रीवा-आनंद विहार एक्सप्रेस ट्रेन प्रभावित हुई। इस ट्रेन को एक घंटे तक सतना स्टेशन के पहले ही रीवा सेक्शन में ही रोक दिया गया था। ट्रेन अपने निर्धारित समय से 1 घंटा 10 मिनट लेट आई थी। वहीं 19045 ताप्ती गंगा एक्सप्रेस प्लेटफार्म क्रमांक-2 में ही 40 मिनट तक खड़ी रही। इसके साथ ही 12167 एलटीटी-बनारस एक्सप्रेस, 12322 कोलकाता मेल एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनें लेट हुई। गाड़ियों की लेटलतीफी की वजह से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

दो माह में तीसरी घटना

बताया जाता है कि सतना-मानिकपुर रेलखंड में पिछले दो माह में अनकपल ट्रेन होने की यह तीसरी घटना है। उल्लेखनीय है कि 7 मई को सतना-उचेहरा रेलखंड में मॉडिफाइड बाक्स एन मालगाड़ी अनकपल हो गई थी। वहीं इसके पहले 5 अप्रैल को बांसापहाड़ स्टेशन के पास एक मालगाड़ी दो हिस्सों में बट गई थी। कपलिंग टूटने की वजह से मालगाड़ी का आधा हिस्सा इंजन के साथ आगे निकल गया जबकि आधा हिस्सा पटरी पर ही खड़ा रह गया था। सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसा क्या है जिससे हर माह गाड़ियों के अनकपल होने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here