झांसी। झांसी महानगर के एतिहासिक लक्ष्मी तालाब को अतिक्रमण व दुर्दशा से बचाने तथा उसके विकास के नाम पर हुये भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर बुंदेलखण्ड तालाब संरक्षण समिति द्वारा नगर आयुक्त को तीन सूत्रीय ज्ञापन दिया गया।
ज्ञापन में कहा गया कि उक्त तालाब 83.6 एकड़ के आकार का था परंतु भू- माफियाओ द्वारा तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा करने के कारण वर्तमान में तालाब केवल 46 एकड़ में बचा हुआ है। इसी आकार में इसका सुन्दरीकरण किया गया है। तालाब की अतिक्रमण कर कब्जाई गई भूमि वापिस ली जाये।पूरा तालाब जलकुंभी व गंदगी से पता हुआ है। विभिन हानिकारक रासायनिक तत्वों के कारण इसका पानी दूषित हो चुका है। इस कारण मछलियां व अन्य पक्षी इसका पानी पीने से मर रहे है। यही नही इसके विषैला पानी का असर तालाब के करीब पांच किमी की आबादी वाले घरों के जल श्रोतों हैण्डपम्प व बोरिंग आदि से प्राप्त होने वाला पानी भी दूषित हो रहा है। पूरे तालाब की सफाई कराये जाने की आवश्यकता है।
तालाब के सुन्दरीकरण एवं रख रखाव के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किये गये है। जिसमें बड़े स्तर पर घोटाला हुआ है। तालाब के बीच में वीरांगना महारानी लक्ष्मी बाई की प्रतिमा लगाई गई है। लेकिन प्रतिमा तक पहुंचने के लिये कोई रास्ता नही बनाया गया है। जिससे प्रतिमा की साफ सफाई व माल्यार्पण करने की कोई व्यवस्था नही है। तालाब में नाव चलने की भी सम्भावना नही है । श्रद्धा व पर्यटन दोनों ही उद्देश्य पूर्ण नही हो प रहे है। यहां लगे पानी के ए टी एम शो पीस बने हुये है। पार्क में बच्चों के खेलने के कई उपकरण भी खराब पड़े हुये है। सुरक्षा कर्मी भी कम संख्या में है। माँ दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन वाला कुण्ड व ताजियों ठन्डे करने वाला कर्बला भी गंदगी की चपेट में है। कुल मिलाकर अवयवस्थाओ का बोलबाला है। नगर आयुक्त डा. आकांक्षा राणा ने आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।
ज्ञापन देने वालों में पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, समिति के संयोजक डा. सुनील तिवारी, अनिल झां,अशोक तिवारी गुरू, मनीराम कुशवाहा, अनिल रिछारिया, अमीर चंद आर्य, शैलेंद्र वर्मा शीलू, दिनेश वर्मा, शाहरुख खान, दीपक पासवान, अशोक कन्सौरिया आदि मौजूद रहे।














