झांसी। उमरे के झांसी मंडल में रेलवे के अन उपयोगी/कंडम क्वार्टर में अवैध कब्जे हैं, इनमें असामाजिक तत्वों / गतिविधियों का अड्डा बने हुए हैं। सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण इन सूने और वीरान क्वार्टरों में अक्सर नशेड़ियों, जुआरियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है और अनैतिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं जो चिंता का विषय है।
झांसी मंडल मुख्यालय पर मुख्य रूप से इस तरह के क्वार्टर प्रेमनगर और सीपरी बाजार थाना क्षेत्र में स्थित हैं जो लावारिस पड़े हुए हैं। ब्रिटिश काल और शुरुआती भारतीय रेलवे के समय बने ये क्वार्टर रेलवे द्वारा नए हाईटेक क्वार्टर बनाए जाने के कारण खाली पड़े-पड़े खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। जो सही सलामत हैं उनमें जिम्मेदार अधिकारियों की सांठगांठ से अवैध कब्जे हैं।
गत दिवस प्रेमनगर थाना क्षेत्र के विलेश्वर महाराजपुरा कॉलोनी के पास स्थित एक वीरान रेलवे खंडहर क्वार्टर में लगभग 5 फीट ऊंची खिड़की पर बेल्ट से एक नशेड़ी युवक का शव लटका हुआ मिला, जिसके बाद ये जगहें दोबारा चर्चा और स्थानीय पुलिस की जांच के घेरे में आई हैं। मृतक की पहचान अमित कुमार शर्मा (35) पुत्र सूरज प्रसाद था। वह प्रेमनगर थाना क्षेत्र के विलेश्वर महाराजपुरा कॉलोनी का रहने वाला था। मृतक के भाई आशु शर्मा ने बताया- मेरा भाई अमित कुमार शर्मा शराब पीने और सूखा नशा करने का आदि था। अमित पेंटिंग का काम करता था और पूरा पैसा नशा में ही उड़ा देता था।
लगभग 9 साल से उन लोगों ने अमित से मतलब छोड़ रखा था। शनिवार दोपहर को वह मोहल्ले में घूम रहा था। नशे में लोगों को गालियां दे रहा था। थोड़ी देर रुकने के बाद भाई मोहल्ले से निकल गए। कुछ समय बाद एक जानकार ने सूचना दी कि अमित ने रेलवे कॉलोनी के एक खंडहर क्वार्टर में फांसी लगाकर जान दे दी। जब हम लोग मौके पर पहुंचे तो उसका शव खिड़की पर बेल्ट के सहारे लटका हुआ था। वह किन परिस्थितियों का शिकार बना जांच का विषय है।
अमित के सुसाइड करने की सूचना पर मां गीता और भाई आशु रोते बिलखते हुए मौके पर पहुंच गए। यहां पर अमित का शव लटका देखकर मां बेसुध हो गई। तीन भाई बहनों में अमित सबसे बड़ा था। उसकी शादी नहीं हुई थी। उसका एक छोटा भाई सुमित और एक बहन सनैना है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।














