टेलीकॉम कंपनी की कर्मचारी द्वारा आत्महत्या, सुइसाइड नोट मिला
झांसी। प्राइवेट टेलिकॉम कंपनी में कार्यरत युवती की आत्महत्या के पूर्व लिखें सुइसाइड नोट की इबारत में कारणों की खोज की जा रही है। सुइसाइड नोट में लिखा था ‘मम्मी-पापा सॉरी, आपको छोड़कर जा रही हूँ, अब मुलाकात नहीं होगी। मेरे आत्महत्या के. पीछे किसी की कोई गलती नहीं है। मैंने जिन्दगी बहुत जी ली, अब जीवन से मन भर गया। समझ नहीं आ रहा है कि आगे क्या करना है, इसलिए हमेशा के लिए जा रही हूँ।’
कोतवाली क्षेत्र के सैंयर गेट बाहर निवासी महक देवरिया (21) एक प्राइवेट टेलिकॉम कंपनी में काम करती थी। वह 3 बहनों में दूसरे नम्बर की थी। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। महक से छोटी एक बहन और भाई हैं। मृतका के चचेरे भाई ने बताया कि उसके मामा के बेटे की शादी थी, इसलिए महक ने छुट्टी ले रखी थी। 21 जून को वह परिवार के साथ शादी में गई थी। 24 जून को शादी का रिसेप्शन था। अगले दिन महक अपने पापा सन्तोष और बहन शिल्पी के साथ घर आ गई। उसकी माँ सीमा और भाई एकलव्य वहीं रुक गए।
शुक्रवार को रिसेप्शन कार्यक्रम में जाना था। पापा से ऑफिस जाने की बात कहते हुए महक ने रिसेप्शन में जाने से मना कर दिया। इस पर उसके पिता और बहन चले गए। महक घर में अकेली थी। शाम को मोहल्ले के बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे। उनकी बॉल महक के घर में चली गई। पड़ोसी का 12 साल का बेटा घर के अन्दर गया तो महक फाँसी के फन्दे पर लटकी थी। यह देख वह चिल्लाया, तो आसपास के लोग आ गए। परिजनों को सूचना दी। उन्होंने घर पहुँचकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की तो कमरे से सुइसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा था ‘मम्मी-पापा सॉरी, आपको छोड़कर जा रही हूँ, अब मुलाकात नहीं होगी। मेरे आत्महत्या के. पीछे किसी की कोई गलती नहीं है। मैंने जिन्दगी बहुत जी ली, अब जीवन से मन भर गया। समझ नहीं आ रहा है कि आगे क्या करना है, इसलिए हमेशा के लिए जा रही हूँ।’
पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अब आत्महत्या के कारणों की जांच में जुटी है।














