ग्वालियर। साइबर ठग ने उमरे झांसी मंडल कार्मिक विभाग का कर्मचारी बता कर वीडियो कॉल के माध्यम से वेरिफिकेशन कराने का झांसा देकर पेंशन वेरीफिकेशन के नाम पर रेलवे के एक सेवा निवृत्त कर्मचारी को टारगेट करते हुए उनके बैंक एकाउंट से 7.40 लाख रूपये उड़ा दिये। ठग ने वीडियो कॉल के बीच में ही 2 ट्रांजेक्शन में पूरी रकम निकाल ली। धोखाधड़ी का पता मोबाइल पर बैंक से मैसेज आने के बाद पता चला। पीडि़त की शिकायत पर साइबर सेल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्वालियर शहर का नाका निवासी बीएल शर्मा रेलवे से सेवानिवृत्त कर्मचारी है। मंगलवार की सुबह लगभग 10.15 बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान नम्बर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने स्वयं को उत्तरमध्य रेलवे के झांसी मंडल का कार्मिक विभाग का कर्मचारी बताते हुए कहा है कि उनका पेंशन वेरिफिकेशन अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इसे पूरा करने के लिये तत्काल वीडियो कॉल करना आवश्यक है। सरकारी प्रक्रिया समझकर बीएल शर्मा ने वीडियो कॉल स्वीकार कर लिया। इस बीच साइबर ठग ने उन्हें विश्वास में लेकर ओटीपी समेत अन्य आवश्यक जानकारी हासिल कर ली।
2 मिनट में खाते से निकले 7.40 लाख रुपए
वीडियो कॉल समाप्त होने के कुछ ही क्षण बाद पीड़ित के मोबाइल पर बैंक से लगातार ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे। जांच करने पर पता चला कि उनके केनरा बैंक खाते से पहले 5 लाख रुपये और फिर 2.40 लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए गए। महज दो मिनट के भीतर कुल 7.40 लाख रुपए की ठगी हो गई।
पीड़ित ने बताया कि कॉल करने वाले ने कहा था कि पेंशन वेरिफिकेशन का मंगलवार आखिरी दिन है। उसे उनके बैंक खाते से जुड़ी कई जानकारियां पहले से पता थीं, जिससे उन्हें लगा कि कॉल वास्तव में रेलवे विभाग की ओर से है। इसी भरोसे में उन्होंने वीडियो कॉल के दौरान आए ओटीपी भी साझा कर दिए।
साइबर सेल में दर्ज कराई शिकायत
धोखाधड़ी का पता चलते ही बीएल शर्मा ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दी और ग्वालियर पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित साइबर सेल पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर साइबर सेल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला दर्ज कर पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम किन बैंक खातों में ट्रांसफर हुई है, ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके। साथ ही संबंधित बैंकों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।














