लखनऊ/झांसी (संवाद सूत्र)। बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जोनल कार्यालय प्रयागराज की टीमों ने मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति के मामले में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के करीबी पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव व उनके कथित सहयोगियों के लखनऊ व झांसी स्थित आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर बड़ी छापेमारी की। सूत्रों की मानें तो सर्च के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, चल-अचल संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड सहित कई दस्तावेज जब्त किए गए। यह कार्रवाई ईडी ने यूपी विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट की एफआईआर के आधार पर की गई है।
प्रमुख जांच का आधार: यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश विजिलेंस विभाग द्वारा पूर्व विधायक के खिलाफ दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई FIR और उसके आधार पर ईडी द्वारा बनाई गई ‘एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट’ (ECIR) पर आधारित है।
इन स्थानों पर की छापेमारी
सुबह सुबह ईडी की टीमों ने पूर्व विधायक के लखनऊ के एल्डिको कॉलोनी स्थित अपार्टमेंट के छठवें तल व कानपुर रोड स्थित सनराइज अपार्टमेंट के फ्लैट में छापेमारी की है। झांसी में प्रयागराज से आई ईडी की टीम ने मून सिटी भगवंतपुरा आवास व रिश्तेदारों के आवास समेत मोंठ बुढावली के पैतृक घर आदि एक दर्जन ठिकानों पर छापा मारा। इस कार्रवाई से दिन भर खलबली मची रही।
सहयोगी भी जांच के दायरे में : पूर्व विधायक के अलावा उनके निजी सहायक (PA) अशोक गोस्वामी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के ताज कंपाउंड में पूर्व विधायक के पीए अशोक गोस्वामी के घर पहुंचकर जांच की। रिश्तेदारों और अन्य करीबी सहयोगियों के परिसरों पर भी तलाशी अभियान चलाया गया। मोंठ में पूर्व चेयरमैन अनिरुद्ध यादव उर्फ बड़े राजा के घर भी छापे मारे गये हैं।
यह कार्रवाई गरौठा से पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव और उनके सहयोगियों के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग के सिलसिले में की गई। यह जांच उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की एफआईआर के आधार पर दर्ज ईसीआईआर पर आधारित है। एफआईआर में पूर्व विधायक पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। ईडी की टीम ने पूर्व विधायक से पूछताछ भी की। इस कार्रवाई के दौरान मूनसिटी के बाहर पैरामिलिट्रि फोर्स के साथ ही पीएसी को तैनात कर दिया गया। हर आने-जाने वाले की निगरानी की गई।
डिजिटल डिवाइस समेत कई संपत्तियों के रिकॉर्ड
मून सिटी में आवास से टीम को महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस समेत कई संपत्तियों के रिकॉर्ड भी मिले। जिनको कब्जे में लेकर टीम पूर्व विधायक से पूछताछ की गई है।
23 से अधिक एफआईआर
मामले में पीएमएलए के तहत सूचीबद्ध अपराधों से संबंधित 23 से अधिक एफआईआर शामिल हैं। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता/ भारतीय दण्ड संहिता, उत्तर प्रदेश गैंग्स्टर्स एक्ट और गुंडा एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में लगभग 60 आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी भी जांच में सामने आई है। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, रंगदारी, हत्या के प्रयास और डकैती जैसे गम्भीर आरोप शामिल हैं।
दरअसल, 30 जुलाई 2022 को दीप नारायण के खिलाफ झांसी के विजिलेंस थाने में आय से अधिक संपत्ति रखने का केस दर्ज हुआ था। आरोप था कि उन्होंने अपनी वैध कमाई से 23 करोड़ रुपए अधिक की संपत्ति बनाई। जांच में पता चला कि दीप नारायण की वैध आय 14.37 करोड़ रुपए थी, लेकिन उन्होंने 37.32 करोड़ रुपए खर्च किए। इसके अलावा, उनके खिलाफ झांसी के अलग-अलग थानों में धोखाधड़ी के 23 मामले दर्ज हैं।
बीकेडी छात्र संघ अध्यक्षी के बाद 2 बार सपा के टिकट से विधायक बने
दीपनारायण सिंह यादव ने बुंदेलखंड डिग्री कालेज से लॉ की पढ़ाई की है। यहीं से सपा के टिकट पर छात्र संघ अध्यक्ष का चुनाव लड़कर जीते। 2007 में सपा ने उन्हें गरौठा विधानसभा से टिकट दिया। वे चुनाव जीतकर विधायक बने। 2007 से 2017 तक यानी दो बार विधायक रहे। 2022 विधानसभा चुनाव में जमा किए गए शपथपत्र के मुताबिक, दीप नारायण की कुल संपत्ति ₹36.22 करोड़ रुपए है।














