पृथक बुंदेलखंड राज्य बनवाने में असहयोग पर अखण्ड बुंदेलखंड क्षेत्र के सांसदों व विधायकों का सामूहिक पुतला पुलिस से झूमा झपटी के बाद फूंका
झांसी। पृथक बुंदेलखंड राज्य के निर्माण के लिए जबरदस्त जोश ए जुनून आज उस समय देखने को मिला जब पुतले दहन में जेल से छूटने के बाद भी बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय का जोश कम नहीं हुआ और उन्होंने “चाहे जितनी बार सरकार जेल भेज दे, आंदोलन न झुकेगा और न रुकेगा” के संकल्प के साथ पुलिस की परवाह नहीं करते हुए बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के साथियों के साथ अखण्ड बुंदेलखंड क्षेत्र के नौ सांसद एवं छप्पन विधायकों का सामूहिक पुतला पुलिस की छीना-झपटी के बीच फूंक कर जबरदस्त प्रदर्शन किया।
दरअसल, कुछ दिनों पूर्व बुनिमो के केन्द्रीय अध्यक्ष भानु सहाय को बुंदेलखंड राज्य निर्माण की वायदा खिलाफी को लेकर प्रधानमंत्री आदि के पुतले फूंक कर प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कुछ दिन जेल में रहने के बाद जब वह बाहर आए तो चुप नहीं बैठे और शासन प्रशासन, पुलिस की परवाह किए बिना उन्होंने इस बार अखण्ड बुंदेलखंड क्षेत्र के नौ सांसद एवं छप्पन विधायकों का सामूहिक पुतला दहन का निर्णय लिया।
इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए भानु सहाय के नेतृत्व में आज मोर्चा के कार्यकर्ता पुतला लेकर ” कसम राम की खाते हैं, बुंदेलखंड राज्य बनवायेंगे एवं बुंदेलखंड तो लेंगे लेंगे, जैसे दोगे वैसे लेंगे” जैसे गगनभेदी नारे लगाते हुए चौराहे पर पहुंचे वहां बड़ी संख्या में वर्दी एवं सादी वर्दी में पहले से उपस्थित पुलिस बल ने पुतला छीनने का प्रयास किया पर मोर्चा ने छिना झपटी के बीच सामूहिक पुतला फूंक दिया।
पुतले फूंकने के पश्चात मोर्चा अध्यक्ष भानू सहाय ने कहा “हमाए बुन्देलखण्ड में कहावत है कि खाएं खसम (पति) को गाएं यार (प्रेमी) की ऐसा अब नहीं चलेगा सांसद, विधायक बनाए बुन्देखण्डियों ने और जिन्दाबाद कर रहे पार्टियों की अब या तो बुन्देलखण्ड राज्य के लिए लडो नहीं तो वापिसी की तैयारी करो”।
उन्होंने कहा कि सांसद एवं विधायकों के पुतले इस कारण फूंके गए क्योंकि ये सभी जन प्रतिनिधि बुंदेलखंड राज्य निर्माण के विरोधी हैं। इनमें से कोई भी जन प्रतिनिधि बुंदेलखंड राज्य निर्माण आन्दोलन का तनिक भी सहयोग नहीं करते हैं। किसी भी जनप्रतिनिधि के मूंह से बुंदेलखंड का “बु” भी अपने नेताओं के सामने नहीं निकलता।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड राज्य निर्माण आंदोलन को गति प्रदान करने के लिए वर्षाकालीन लोक सभा के सत्र के मध्य पुनः प्रधानमंत्री, गृहमंत्री एवं रक्षामंत्री के अलग अलग पुतले फूंके जायेंगे। चाहे जितनी बार सरकार जेल भेज दे आंदोलन न झुकेगा और न रुकेगा।
उन्होंने कहा कि आगामी डिलीमिटेशन के माध्यम से लोकसभा सीटों की संख्या में लगभग 50% वृद्धि होने की संभावना है इसी के साथ विधानसभाओ में भी पचास प्रतिशत की वृद्धि की जाए ताकि बढ़ती जनसंख्या को छोटे प्रान्त बना कर उचित प्रतिनिधित्व दिया जा सके।
बुंदेलखंड की जनता वादा खिलाफ़ी से आक्रोषित हैं जो समय आने पर केंद्र सरकार को अपनी भावनाओं से अवगत करवाने का स्वयं कार्य करेगी।
सांसदों एवं विधायकों का सामूहिक पुतला फूंकने वालों में मोर्चा अध्यक्ष भानू सहाय, महामंत्री एड अशोक सक्सेना, प्रवक्ता रघुराज शर्मा, एड प्रदीप नाथ झा, हनीफ खान, राम जी सिंह पारीछा, उत्कर्ष साहू, प्रदीप गुर्जर, एड अनुराग मिश्रा, गोलू ठाकुर, प्रेम सपेरा, अभिषेक तिवारी, विजय रायकवार, शंकर रायकवार, प्रभूदयाल कुशवाहा, मोहम्मद शफीक , जिलाध्यक्ष अनिल कश्यप, कुन्ती राय, राधा वर्मा, रजनी वर्मा, शवनम आरा खान, गीता देवी, मुन्नी देवी, ममतादेवी , हिमांशी, गंगा देवी , नरेंद्र कुशवाहा आदि उपस्थित रहे।














