बोले- एक-एक गांव जाऊंगा, भाई आशुतोष को जिताऊंगा
दतिया मप्र संवाद सूत्र। दतिया उप चुनाव हेतु आज बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों के उम्मीदवारों ने अपने-अपने पर्चे दाखिल किए हैं, लेकिन बीजेपी के इस हाई-प्रोफाइल शक्ति प्रदर्शन और दतिया के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा के भावुक दांव ने दतिया उपचुनाव के मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
दरअसल, दतिया विधान सभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के समर्थन में आयोजित चुनावी सभा के बीच बोलते बोलते पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा भावुक हो कर फफक पड़े। उन्होंने मंच से संबोधन करते वक्त पार्टी के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए कहा पार्टी ने सब कुछ दिया। बोलते-बोलते उनकी आंखों में आंसू आ गये। इसके बाद उन्होंने अपना भाषण बीच में समाप्त कर दिया और वापस अपनी सीट पर बैठ गये। तो सीएम मोहन यादव ने उन्हें सांत्वना दी। मंच पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत कई सीनियर नेता भी उपस्थित थे।
अपने संबोधन में डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि पार्टी ने उन्हें 30 वर्षो तक विधायक और 15 साल तक मंत्री बनने का मौका दिया। मंच पर आंसू पोंछते हुए नरोत्तम मिश्रा ने जनता और कार्यकर्ताओं के सामने हाथ जोड़े और दतिया की जनता को अपना ‘मालिक’ बताते हुए आशुतोष तिवारी को प्रचंड बहुमत से जिताने की भावुक अपील की।
जनसभा को संबोधित करते हुए नरोत्तम मिश्रा बेहद भावुक हो गए और उनके आंसू निकल आए. खुद को संभालते हुए उन्होंने कहा, ”दतिया के मालिकों, मैं आपके एक-एक दरवाजे पर जाऊंगा, अपना शीश नवाऊंगा और एक-एक गांव के अंदर जाकर आशुतोष को जिताऊंगा।
बीजेपी का एक-एक कार्यकर्ता आशुतोष भैया के लिए अपने प्राण झोंक देगा. कोई भी विपक्षी दल या नेता इस भ्रम और मुगालते में न रहे कि चुनाव में हमारा कार्यकर्ता घर बैठेगा। हम सब 16 तारीख से यहीं दतिया में डेरा जमाएंगे और मिलकर इतिहास रचेंगे।”
नरोत्तम ने कांग्रेस पर साधा निशाना
डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह का नाम लिये बिना चुनावी मुकाबले को ‘‘राजा और रंक’’ की लड़ाई बताई। उन्होंने कहा है कि आशुतोष तिवारी लम्बे समय से राष्ट्रसेवा और संगठन के लिये काम कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी पर भी निशाना साधते हुए चुनावी हार को लेकर तंज कसा।
‘बीजेपी में कोई फूट नहीं’
बीजेपी में अंदरूनी मतभेद के आरोपों को खारिज करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के कार्यकर्ता पूरी ताकत से चुनाव लड़ेंगे और किसी तरह की फूट की बातों में कोई सच्चाई नहीं है। नरोत्तम मिश्रा ने दावा किया कि दतिया में पिछले वर्षों में विकास के कई काम हुए हैं। उन्होंने कहा कि पहले जहां तांगे चलते थे, आज वहां बेहतर सुविधाएं और आधुनिक विकास दिखाई देता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पहले क्षेत्र में डाकुओं का आतंक था, लेकिन अब कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है।
भोपाल से दतिया तक CM मोहन यादव का ‘डैमेज कंट्रोल’
इस भावुक दृश्य से पहले सोमवार सुबह से ही दतिया में भारी राजनीतिक सरगर्मियां देखी गईं. मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को भोपाल से अपने साथ विमान में लेकर दतिया हवाई पट्टी पहुंचे।एयरपोर्ट पर उतरने के बाद सीएम ने दतिया जिला अध्यक्ष से भी लंबी बातचीत की और बीजेपी उम्मीदवार की जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आए।
पहले टिकट वितरण को लेकर उपजे असंतोष की खबरों पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दो टूक कहा, “उस दिन जो भी हुआ था, उस पर सबने आपस में बैठकर बात कर ली है। अब सब ठीक है, सब साथ हैं और पूरी भाजपा मिलकर यह चुनाव मजबूती से लड़ेगी।”
‘भाई और अभिभावक’ का दिखा अनूठा संगम
नामांकन के लिए रवाना होने से पहले एयरपोर्ट से बाहर आते समय नरोत्तम मिश्रा और आशुतोष तिवारी एक-दूसरे का हाथ मजबूती से थामे हुए दिखाई दिए। नरोत्तम मिश्रा ने खुले मंच से घोषणा की कि आशुतोष उनके छोटे भाई की तरह हैं, वहीं भावुक होते हुए आशुतोष तिवारी ने कहा कि नरोत्तम मिश्रा उनके राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन में अभिभावक की भूमिका में हैं।














