अपहरणकर्ताओं की दिल्ली में बेचने की थी साजिश, घर लौटने के बाद से सदमे में थी
झांसी। मप्र पुलिस की कार्रवाई में झांसी के मऊरानीपुर क्षेत्र में मकान के अंडर ग्राउंड कमरे में बंधक 16 वर्षीय छात्रा को किडनैपर्स के चंगुल से मुक्त करा लिया गया, किंतु घटनाक्रम से सदमे आई छात्रा ने रविवार अपराह्न लगभग तीन बजे उस समय ज़हर खा कर आत्महत्या कर ली जब उसके माता-पिता खेत में गए थे। तबीयत बिगड़ने पर छात्रा ने घर वालों को बताया। इसके बाद परिजन उसे मऊरानीपुर सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जिले के गरौठा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 11 वीं की छात्रा अपने छोटे भाई और अपनी दादी के साथ एमपी के पलेरा में रह कर वहां के एक स्कूल में पढ़ रही थी। 13 जुलाई को स्कूल जाते समय गांव के एक युवक ने उसे स्कूल छोड़ने के बहाने बाइक पर बैठा लिया। रास्ते में पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी अपने तीन साथियों के साथ उसे ट्रेन से दिल्ली ले जाने निकले, किंतु वहां टीटीई की नजर पड़ने पर पकड़े जाने के डर से वह वापस लौट आए और छात्रा को मऊरानीपुर में एक मकान के अंडर ग्राउंड कमरे में बंद कर दिया।
इधर, परिजनों की शिकायत पर मध्य प्रदेश पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। 15 जुलाई को पुलिस ने मऊरानीपुर में एक मकान में दबिश देकर बंधक छात्रा को बरामद कर लिया और परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजनों का कहना था कि इसके बाद से छात्रा सदमे में रहती थी। इसी के चलते रविवार को उसने जहर खाकर जान दे दी।
11वीं में एडमिशन कराने स्कूल गई थी छात्रा
गरौठा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किसान ने बताया कि उसकी 16 वर्षीय बेटी और 14 वर्षीय बेटा मध्य प्रदेश के पलेरा में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई करते थे। दोनों बच्चों के साथ उनकी दादी रहती थीं। 13 जुलाई को बेटी 11वीं में एडमिशन कराने स्कूल गई थी, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटी। बेटे ने फोन कर इसकी जानकारी दी। हम लोग तुरंत पलेरा पहुंचे और उसकी सहेलियों के घरों समेत आसपास काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
इसके बाद अगले दिन 14 जुलाई को पलेरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। 15 जुलाई को मध्य प्रदेश पुलिस ने मऊरानीपुर में दबिश देकर एक बंद कमरे से बेटी को बरामद किया। मौके से तीन लोगों को हिरासत में ले लिया गया था। पिता का कहना है कि आरोपी उनकी बेटी को दिल्ली ले गए थे और उसे बेचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। बरामद होने के बाद पुलिस ने बेटी के कोर्ट में बयान दर्ज कराए। इसके बाद जिन तीन युवकों को पकड़ा गया था, उन्हें छोड़ दिया गया।
पिता ने बताया 17 जुलाई को वह बेटी को गांव ले आए। वह लगातार डरी-सहमी रहती थी। कहती थी कि सब कुछ बर्बाद हो गया। हम उसे समझाते रहे। रविवार को वह अपनी पत्नी के साथ खेत पर जा रहा था तो बेटी से भी चलने को कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। वह दोनों ट्रैक्टर लेकर खेत चले गए। घर पर बेटी और उसकी दादी थीं। इसी दौरान उसने जहर खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर घर से फोन आया। इस वह अपनी पत्नी के साथ घर पहुंचा और बेटी को मऊरानीपुर सीएचसी लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
छात्रा की मां ने बताया- बेटी ने बताया था कि वह स्कूल जा रही थी तभी रास्ते में गांव का एक युवक बाइक से मिला और स्कूल छोड़ने की बात कहकर उसे अपने साथ बैठा लिया। स्कूल पहुंचने के बजाय वह उसे दूसरी तरफ ले गया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वह उसे केदारेश्वर ले गया और पानी पिलाया। बेटी का कहना था कि पानी पीते ही वह बेसुध हो गई। फिर तीन और युवक वहां आ गए। सभी उसे मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन ले गए और ट्रेन से दिल्ली ले जाने लगे। रेलवे स्टेशन पर टीटीई की नजर पड़ने पर आरोपी वहां से निकल गए और छात्रा को वापस मऊरानीपुर ले आए। यहां उसे एक कमरे में बंद कर दिया। इसी दौरान मध्य प्रदेश पुलिस को लोकेशन मिली और छापेमारी कर छात्रा को बरामद कर लिया।














