मुखबिर की सतर्कता से कबाड़ी के यहां बिकता चोरी का स्क्रैप बरामद, दो चालक सहित तीन गिरफ्तार
झांसी। रेलवे वर्कशॉप झांसी की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की उस समय पोल खुल गई जब रेलवे वैगनों के पहियों (व्हील) से लदे दो ट्रकों में चोरी से तीन टन रेलवे स्क्रैप लाद कर चालक बड़े आराम से निकल गये और किसी को भनक तक नहीं लगी। इतना ही नहीं इस स्क्रैप को कबाड़ी की दुकान पर बेचा जा रहा था तब मुखबिर की सूचना पर संयुक्त टीम ने आधी रात के बाद कार्रवाई कर चोरी का माल सहित दोनों ट्रक व चालकों सहित तीन को पकड़ लिया।
रेलवे संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत जीआरपी, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) एवं रेलवे पुलिस अधीक्षक कार्यालय की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करते हुए लगभग तीन टन रेलवे स्क्रैप सामग्री बरामद की है तथा इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की गई है।
25 जुलाई को जीआरपी थाना झांसी निरीक्षक विवेक कुमार श्रीवास्तव, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) झांसी पोस्ट निरीक्षक अर्चना, रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट वर्कशॉप, पुलिस अधीक्षक रेलवे की अनुभागीय टीम के उप निरीक्षक संदीप सेंगर, अपराध शाखा निरीक्षक ओम प्रकाश तथा उनकी संयुक्त टीम द्वारा मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई।
जांच में सामने आया कि कानपुर से रेलवे वैगनों के पहियों (व्हील) को मरम्मत हेतु रेलवे वर्कशॉप झांसी लाने वाले दो ट्रकों के चालक, मरम्मत कार्य पूर्ण होने के उपरांत वापस कानपुर जाते समय वर्कशॉप परिसर में खुले पड़े रेलवे स्क्रैप को कथित रूप से रेलवे कर्मचारियों एवं रेलवे सुरक्षा बल की नजर से बचाकर अपने-अपने ट्रकों के केबिन में छिपाकर ले गए। बाद में उक्त स्क्रैप को थाना बड़ागांव क्षेत्र स्थित एक कबाड़ी की दुकान पर बेचा जा रहा था।
मुखबिर की सूचना पर संयुक्त टीम ने रात्रि लगभग 00:50 बजे कार्रवाई करते हुए दोनों ट्रक चालकों को गिरफ्तार कर लिया तथा उनके कब्जे से लगभग तीन टन रेलवे स्क्रैप सामग्री बरामद की। बरामद सामग्री का अनुमानित मूल्य लगभग ₹75,000 आंका गया है। इस संबंध में आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
वर्कशॉप स्टाफ के सहयोग के बिना तीन टन स्क्रैप लोड नहीं हो सकता
वर्कशॉप जैसे सुरक्षित समझे जाने वाले परिसर से तीन टन स्क्रैप चोरी कर ट्रकों में लोड करना कोई आसान काम नहीं था। निश्चित रूप से इस चोरी में वर्कशॉप के अंदर के एक दो नहीं कई स्टाफ का हाथ हो सकता है। यदि सुरक्षा बल गहराई से जांच पड़ताल करे तो स्क्रैप चोरी में लिप्त गिरोह का भण्डाफोड़ हो सकता है। इस चोरी से यह भी जांच का विषय है कि इसके पूर्व इसी तरह से कितनी बार स्क्रैप चोरी कर बेचा जा चुका है ?














