झांसी। सात दिन पहले हमले में घायल वृद्ध ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, किंतु घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। जैसे ही मौत की जानकारी पुलिस को हुई तो मंगलवार की सुबह तत्काल प्रभाव से गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इस मामले में लापरवाही पर एसएसपी ने क्षेत्र इंचार्ज को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए है। उधर, सीओ ने तत्कालीन थानेदार से भी मामले में लापरवाही पर जमकर क्लास ली।
दरअसल, चिरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम नरी निवासी रामनाथ कुशवाहा के परिजनों ने 29 जुलाई को खेत पर पूजा का आयोजन किया था। इनमें चारों भाई, भतीजे व अन्य लोग शामिल हुए थे। पूजा कार्यक्रम के बाद किसी बात को लेकर भाइयों व भतीजों में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि लाठी डंडे चले जिससे रामनाथ के सिर में गंभीर चोट लगने से वह बेहोश हो गया। उसे उपचार के लिए मेडिकल कालेज में भर्ती करा दिया गया जहां 4 अगस्त की सुबह पांच बजे रामनाथ कुशवाहा ने दम तोड़ दिया।
इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। वहीं, रामनाथ की मौत से परिजनों में आक्रोश भड़क गया। उनका कहना था कि घटना की जानकारी परिजनों ने पहले पुलिस को दी थी मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। वहीं, रामनाथ की मौत की खबर मिलते चिरगांव थाना में हड़कंप मच गया। इस घटना की सूचना सीओ मोंठ को दी गई। सीओ मोंठ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद सीओ मोंठ ने मृतक के परिजनों ने ग्रामीणों से बातचीत की। इसके बाद थाने में आकर उक्त घटना के बारे में पूरी जानकारी ली मगर कोई संतुष्ट जवाब नहीं दे सका।
इस मामले को पुलिस अफसरों के संज्ञान में लाया गया। पुलिस अफसरों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से संबंधित क्षेत्र इंचार्ज जितेंद्र सिंह यादव को निलंबित कर दिया। साथ ही विभागीय जांच के आदेश दिए गए। उधर, चिरगांव से स्थानांतरित होकर बबीना पहुंचे थानेदार राहुल राठौर को चिरगांव थाना बुलाया सीओ मोंठ ने लापरवाही पर जमकर क्लास ली।
इसके बाद मृतक के पुत्र मंगल कुशवाहा की तहरीर पर चिरगांव पुलिस ने विजय सिंह व छोटा भाई, तीन भतीजों के खिलाफ दफा 304 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं, पुलिस ने नामजद किए गए एक दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। शेष आरोपियों की तलाश की जा रही है।














