“जेल में बंद मेरे भाइयों को मिट्टी में आने दिया जाये” 

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आबान का शव लेने झांसी पहुंचा अतीक का बेटा अजहम की अपील 

झांसी। कानपुर -झांसी हाईवे पर सड़क हादसे में मृत आबान अहमद का शव लेने उसका भाई अजहम मेडिकल कॉलेज पहुंचा और मीडिया के सवालों के इतर उन्होंने सिर्फ यह अपील की कि “जेल में बंद भाइयों को भी मिट्टी में शामिल होने की अनुमति दी जाए”।

कार दुर्घटना में जान गंवाने वाले अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद के शव को लेने के लिए गुरुवार को उसका भाई अजहम अहमद झांसी पहुंचा। अतीक के चौथे नंबर के बेटे अजहम अहमद के झांसी पहुंचने के बाद आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद शव को परिजनों के सुपुर्द करने की प्रक्रिया शुरू हुई। अस्पताल परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई. बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

गौरतलब है कि अतीक अहमद के पांचवे नंबर के बेटे आबान अहमद की गुरुवार को सुबह कानपुर -झांसी हाईवे पर पूंछ थाना क्षेत्र में कार दुर्घटना में मौत हो गई थी। हादसे की सूचना मिलते ही अतीक के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। इस घटना के बाद परिजन झांसी पहुंचे और शव को अपने साथ ले जाने की तैयारी की।

अजहम की अपील‘मेरे भाइयों को मिट्टी में आने दिया जाए’ पर प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं है और न ही जेल में बंद भाइयों को मिट्टी में शामिल होने की अनुमति दिए जाने को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बताया गया है कि नियमानुसार यदि इस संबंध में कोई आवेदन किया जाता है तो उस पर सक्षम न्यायालय या संबंधित प्रशासनिक प्राधिकारी द्वारा निर्णय लिया जाएगा।

फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या मानवीय आधार पर जेल में बंद आबान अहमद के भाइयों को मिट्टी में शामिल होने की अनुमति मिलती है या नहीं ?

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