झांसी। चिन्मय मिशन के 75 गौरवशाली सेवा वर्षों के उपलक्ष्य में आयोजित “चिन्मय अमृत यात्रा–2026” के झांसी प्रवास के तीसरे दिन सोमवार को विभिन्न आध्यात्मिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक कार्यक्रम सम्पन्न हुए। दिनभर यात्रा दल ने विद्यार्थियों एवं युवाओं से संवाद कर ज्ञान, संस्कार, भारतीय संस्कृति एवं जीवन-मूल्यों का संदेश साझा किया।
दिन की शुरुआत पादुका पूजन के पावन कार्यक्रम से हुई। अनुराधा अम्मा परिवार के संयोजन एवं चंदा अरोड़ा के सह-संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में पूज्य स्वामी मित्रानंद, ब्र. तारिणी चैतन्य, ब्र. सुधीर चैतन्य सहित चिन्मय अमृत यात्रा दल एवं साधकगण उपस्थित रहे। साधकों ने गुरुदेव की पादुकाओं का पूजन कर उनके ज्ञान एवं सेवा संदेश को जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
विद्यार्थियों से हुआ प्रेरक संवाद
यात्रा के तीसरे दिन का प्रमुख आकर्षण विभिन्न शिक्षण संस्थानों में आयोजित Student Meets रहे। RNS World School में विद्यार्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने यात्रा दल के आचार्यों एवं युवा प्रतिभागियों से भारतीय संस्कृति, जीवन-मूल्यों, शिक्षा और व्यक्तित्व विकास से जुड़े विषयों पर संवाद किया। कार्यक्रम का संयोजन RNS के प्रिंसिपल तथा सह-संयोजन आर.पी. गुप्ता द्वारा किया गया।
इसके पश्चात बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में Student Meet आयोजित हुआ। विद्यार्थियों के साथ वेदांत, युवा जीवन, शिक्षा, सफलता, अनुशासन एवं राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर सार्थक संवाद हुआ। कार्यक्रम के संयोजक संदीप अग्रवाल तथा सह-संयोजक विनय गुप्ता रहे।
इसी क्रम में BIET में भी विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम हुआ। युवा प्रतिभागियों ने चिन्मय अमृत यात्रा के अपने अनुभव साझा किए तथा विद्यार्थियों को जीवन में उद्देश्य, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच के महत्व से परिचित कराया। कार्यक्रम के संयोजक यशपाल यादव एवं सह-संयोजक विनय गुप्ता रहे।
समष्टि भिक्षा एवं साधक सहभागिता
चिन्मय मिशन की परंपरा के अनुरूप समष्टि भिक्षा का आयोजन भी किया गया। इसका संयोजन विनय गुप्ता द्वारा किया गया। साधकों ने सामूहिक सेवा एवं समर्पण की भावना के साथ इस आयोजन में सहभागिता की।
पूरे दिन के कार्यक्रमों में चिन्मय मिशन झाँसी के अध्यक्ष, सचिव, ब्रह्मचारी राघवेंद्र चैतन्य तथा सभी संयोजक एवं सह-संयोजकों ने अपने-अपने दायित्वों का पूर्ण समर्पण के साथ निर्वहन किया।
दिनभर के कार्यक्रमों के पश्चात चिन्मय अमृत यात्रा के आचार्यों एवं यात्रा दल के सम्मान में चिन्मय मिशन झाँसी के सचिव ई. मुकेश गुप्ता के निवास पर रात्रिभोज का आयोजन किया गया। इसकी व्यवस्था रजनी गुप्ता के संयोजन में की गई।
रात्रिभोज के दौरान यात्रा दल एवं चिन्मय मिशन के साधकों के बीच आत्मीय संवाद हुआ। झांसी प्रवास के दौरान मिले सहयोग, विभिन्न कार्यक्रमों की सफलता तथा यात्रा के अनुभवों को लेकर विचार-विमर्श हुआ। इस आत्मीय मिलन के साथ 24 अगस्त के दिनभर के कार्यक्रमों का समापन हुआ।
चिन्मय अमृत यात्रा दल में पूज्य स्वामी मित्रानंद, ब्र. तारिणी चैतन्य एवं ब्र. सुधीर चैतन्य के साथ युवा प्रतिभागी शुकदेव, सुमुख श्रीपाद, व्रतेश विजयकुमार, मोहित शर्मा, नितिन, चित्तोष, श्रीविद्या, अनन्या एवं स्मृति शर्मा तथा सारथी लक्ष्मण कुमार एवं गोपाल शामिल हैं।
चिन्मय मिशन झाँसी के सचिव ई. मुकेश गुप्ता ने कहा कि चिन्मय अमृत यात्रा का उद्देश्य केवल आध्यात्मिक संदेश देना नहीं, बल्कि युवाओं को भारतीय संस्कृति, वेदांत एवं जीवन-मूल्यों से जोड़ना और ज्ञान को व्यवहारिक जीवन में उतारने की प्रेरणा देना है। झाँसी में आयोजित छात्र संवाद कार्यक्रमों ने इस उद्देश्य को विशेष रूप से सार्थक किया।
उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों, प्रशासन, सहयोगी संस्थाओं, साधकों, स्वयंसेवकों एवं चिन्मय मिशन परिवार के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके सामूहिक सहयोग से चिन्मय अमृत यात्रा का झाँसी प्रवास सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है।














