झांसी। महामंत्री रूपम पाण्डेय ने पत्र के माध्यम से बताया कि कुछ असंवैधानिक व संगठन विरोधी तत्वों द्वारा उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ (UMRKS) के झांसी मंडल एवं कारखाना मंडल के नाम से अवैध रूप से अधिवेशन आयोजित करने और भ्रामक सूचनाएं फैलाने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में वास्तविक एवं कानूनी तथ्य निम्नलिखित हैं:
1- संवैधानिक स्थिति: अधिवेशन का आयोजन कर रहे व्यक्तियों को संगठन विरोधी गतिविधियों के कारण उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ से 12 जुलाई 2026 को निष्कासित किया जा चुका है। उनके पास संगठन की ओर से किसी भी प्रकार की बैठक या अधिवेशन बुलाने का कोई संवैधानिक या कानूनी अधिकार नहीं है।
2- रजिस्ट्रार ट्रेड यूनियन एवं श्रम आयुक्त प्रयागराज का रिकॉर्ड: रजिस्ट्रार ट्रेड यूनियन, एवं श्रम आयुक्त प्रयागराज द्वारा संगठन को जारी अधिकृत ‘फॉर्म जे’ (Form J) में इन व्यक्तियों का नाम शामिल नहीं है।
किसी भी रजिस्टर्ड ट्रेड यूनियन का रजिस्ट्रेशन और केंद्रीय अध्यक और महामंत्री और अन्य पदाधिकारियो को सरकारी क़ानूनी और वैध मान्यता रजिस्ट्रार ट्रेड यूनियन और श्रम विभाग द्वारा ही प्रदान की जाती है।
3- अवैध गतिविधियां: यह पूरा आयोजन केवल रेलवे कर्मचारियों, अधिकारियों और आम जनता को गुमराह करने और संघ के नाम से अवैध धन उगाही के उद्देश्य से किया जा रहा है।
4- पत्रों व लेटर पैड का दुरुपयोग: निष्कासित व्यक्तियों द्वारा संघ के नाम और लेटर पैड का उपयोग करना पूरी तरह से धोखाधड़ी और कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है।
उन्होंने कहा कि संगठन स्पष्ट करता है कि इन निष्कासित व्यक्तियों द्वारा किया जाने वाला कोई भी पत्राचार, बैठक, अधिवेशन या कोई अन्य कार्य कानूनी और संवैधानिक तौर पर पूरी तरह से शून्य (अमान्य) है।
श्री पांडेय द्वारा जारी पत्र के बावजूद संयुक्त अधिवेशन सम्पन्न हो गया। देखना है कि इस अधिवेशन में लिए गए निर्णयों पर कैसे रोक लगेगी या फिर यह सब आरोप प्रत्यारोप के पत्राचार तक ही सीमित रहेगा।













