“शिक्षक, कर्मचारी और स्नातक हितों की बुलंद आवाज़।” शिव शंकर पटेल

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नहीं छोड़ी कांग्रेस पार्टी की सदस्यता

झांसी। इलाहाबाद-झाँसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य (एम.एल.सी.) प्रत्याशी, जीआईसी के पूर्व प्रधानाचार्य शिव शंकर पटेल ने सोमवार को नामांकन पत्र दाखिल कर दिया।

इस दौरान मीडिया से रू-ब-रू होते हुए श्री पटेल ने कहा कि यह चुनाव केवल एक प्रतिनिधि चुनने का विषय नहीं है, बल्कि प्रदेश के शिक्षित वर्ग, युवाओं, शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दाँ को विधान परिषद में मजबूती से उठाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का स्नातक युवा बेरोजगारी, संविदा व्यवस्था, आउटसोर्सिंग और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहा है। वहीं शिक्षक एवं कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली तथा सेवा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर लंबे समय से अपनी मांगें रखते रहे हैं। ऐसी स्थिति में इन विषयों को सदन में मजबूती से उठाना और जमीनी स्तर पर प्रभावी प्रतिनिधित्व करना उनकी प्राथमिकता है।

संकल्प पत्र की प्रमुख प्राथमिकताएं

शिव शंकर पटेल ने अपने संकल्प पत्र की प्रमुख प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकताओं में- स्नातक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की पहल। बेरोजगार भत्ता सुनिश्चित कराने की मांग। संविदा एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर पुनर्विचार तथा आवश्यकतानुसार रोक की मांग।

पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू कराने का प्रयास। शिक्षकों को अनावश्यक TEI जैसी प्रक्रियाओं से राहत दिलाने की मांग। आरक्षित वर्ग के युवाओं को पारदर्शी तरीके से आरक्षण का लाभ सुनिश्चित कराने का प्रयास शामिल हैं।

समान शिक्षा और समान अवसर पर जोर उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में समानता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सरकारी और निजी विद्यालयों में समान पाठ्यक्रम तथा समान ड्रेस व्यवस्था जैसे प्रावधानों पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि आर्थिक स्थिति के आधार पर बच्चों के बीच शिक्षा के अवसरों में अंतर को कम किया जा सके।

बुन्देलखण्ड और पूर्वाचल की आवाज़ विधान परिषद तक पहुंचाने का संकल्प

शिव शंकर पटेल ने कहा कि बुन्देलखण्ड और पूर्वांचल के हक, सम्मान और विकास से जुड़े मुद्दों को विधान परिषद में प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने और समुचित विकास की मांग के संदर्भ में अलग राज्य निर्माण के मुद्दे को भी मजबूती से उठाने की बात कही।

उन्होंने कहा कि उनका संदेश स्पष्ट है- “शिक्षक, कर्मचारी और स्नातक हितों की बुलंद आवाज़।” “आपकी आवाज, आपका विश्वास, आपका प्रतिनिधि।”

शिव शंकर पटेल ने कहा कि वे स्वयं को किसी दलगत दबाव से अलग रखते हुए स्नातकों, शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को अपनी प्राथमिकता मानते हैं। उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने विवेक के आधार पर उम्मीदवारों के विचार, प्राथमिकताओं और संकल्पों पर विचार करें। उन्होंने कहा कि “आपका विश्वास ही मेरी ताकत है, और आपका सम्मान ही मेरा लक्ष्य है।”

नहीं छोड़ी कांग्रेस पार्टी की सदस्यता

एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि उन्होंने अभी कांग्रेस की सदस्यता छोड़ी नहीं है, किंतु वह चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ रहे हैं। यदि कांग्रेस टिकट देती है तो वह पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे।

 

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