डीजी रेलवे प्रकाश डी द्वारा नवनिर्मित GRP थाना भवन का उद्घाटन

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शिविर में जांचा स्वास्थ्य, अपराध समीक्षा बैठक में हुआ मंथन

झांसी। पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी0 द्वारा मण्डल रेल प्रबन्धक अनिरुद्ध कुमार, पुलिस महानिरीक्षक रेलवे प्रयागराज एन.कोलाँची, जिलाधिकारी गौरांग राठी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विकास कुमार, पुलिस अधीक्षक रेलवे विपुल कुमार श्रीवास्तव, ,सेनानायक 33वीं वाहिनी पीएसी अजीत कुमार सिन्हा, वरिष्ठ रेल सुरक्षा आयुक्त (RPF) जीतेन्द्र शर्मा की उपस्थित में नवनिर्मित जीआरपी थाना झाँसी का उद्घाटन किया गया। इस दौरान सभी अफसरों ने पौधारोपण भी किया गया।

आधुनिक जरूरतों के अनुसार बना है भवन

नवनिर्मित थाना भवन को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें पुलिसकर्मियों के लिए स्वच्छ आवासीय व्यवस्था, आधुनिक हवालात, शुद्ध पेयजल, निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा आधुनिक शौचालय सहित सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। उद्घाटन के अवसर पर डीजी रेलवे ने बताया कि एक बेहतर और सुविधाजनक कार्यस्थल मिलने से पुलिस कर्मियों के मनोबल और कार्यक्षमता (प्रॉडक्टिविटी) में वृद्धि होगी, जिससे वे जनता और यात्रियों की सेवा और मुस्तैदी से कर सकेंगे।

थाने की सुविधाएं व व्यवस्थाएं 

एसी युक्त विवेचना कक्षः मामलों की जांच और पूछताछ के लिए अलग से वातानुकूलित कक्ष बनाया गया है।

पिंक रूमः महिला आरोपियों से पूछताछ के लिए अलग कक्ष की व्यवस्था की गई है।

कंप्यूटर रूमः तकनीकी कार्यों और डिजिटल रिकॉर्ड के प्रबंधन के लिए अलग कमरा बनाया गया है।

महिला सिपाहियों के लिए रेस्ट रूमः महिला पुलिसकर्मियों के आराम के लिए अलग कक्ष है।

बंदियों के लिए अलग टॉयलेट: बंदियों के लिए स्वच्छ और अलग शौचालय की व्यवस्था की गई है।

18 सीसीटीवी कैमरे: तीन मंजिला भवन में निगरानी के लिए 18 कैमरे लगाए गए हैं।

महिला हेल्प डेस्कः महिला यात्रियों की शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए अलग डेस्क बनाई गई है।

नारी शक्ति डेस्कः महिलाओं से जुड़े मामलों में सहायता के लिए विशेष डेस्क की व्यवस्था की गई है।

शिविर में जांचा स्वास्थ्य 

पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए एक निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का भी उद्घाटन किया गया। इसका शुभारंभ करते हुए डीजी महोदय ने कहा कि निरंतर तनाव और कठिन ड्यूटी के बीच पुलिस बल का मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है।

उच्च स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक में मंथन 

पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी0 द्वारा झांसी जीआरपी अनुभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक की गई। बैठक में रेल एवं स्टेशन परिसरों में यात्रियों की सुरक्षा, संपत्ति की चोरी रोकने और पेंडिंग मामलों के त्वरित निस्तारण पर गहन मंथन हुआ।

समीक्षा के दौरान डीजी द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए
• यात्री सुरक्षा सर्वोपरि: ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जाए।
• पत्थरबाजीः ट्रेनों पर असमाजिक तत्वों द्वारा की जाने वाली पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए जीआरपी ने कड़ा रुख अपनाया है। चिन्हित संवेदनशील इलाकों (ट्रेक के किनारे बसी बस्तियों और सूनसान क्षेत्रों) में जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त गश्त बढ़ाई जाएगी। पत्थरबाजी करने वालों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
• जहरखुरानी : के खिलाफ कड़ा रुख (Anti-Drug Doping Drive) त्योहारों और भीड़-भाड़ को देखते हुए जहरखुरानी (नशीला पदार्थ सुंघाकर या खिलाकर/पिलाकर लूटपाट करने वाले गिरोह) के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। संदिग्धों पर नजर रखने के लिए प्रमुख स्टेशनों पर सादे कपड़ों में जीआरपी के जवान तैनात रहेंगे। यात्रियों को जागरूक किया जा रहा है कि वे यात्रा के दौरान किसी भी अपरिचित व्यक्ति से खाने-पीने की वस्तुएं स्वीकार न करें।
• डिजिटल सुरक्षा कवच: ‘यक्ष’ (YAKSHA) ऐप से यात्रियों की तत्काल सहायता के लिए जीआरपी द्वारा विकसित ‘यक्ष’ ऐप का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। यह ऐप यात्रियों के लिए एक डिजिटल साथी के रूप में कार्य करेगा। त्वरित शिकायत: यात्री चलती ट्रेन या स्टेशन से सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
• स्कॉर्ट ड्यूटी (Dynamic Train Escorting) मे यात्रियों, विशेषकर महिला और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए ट्रेन स्कॉर्ट व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। रात के समय चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में स्कॉर्ट टीमें (जीआरपी जवान) मुस्तैद रहेंगी। स्कॉर्ट जवानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर कोच में जाकर यात्रियों से संवाद करें ताकि अपराधी प्रवृत्तियों के लोगों में भय और आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा हो।
• अपराध पर प्रभावी अंकुश: रेल यात्रा के दौरान होने वाले जहरखुरानी, मोबाइल व सामान चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाई जाए। रेलवे परिसर और ट्रेनों में सक्रिय अपराधियों का डेटाबेस तैयार कर उन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
• त्वरित निस्तारण: लंबित विवेचनाओं (Pending Investigations) का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
• जनता से मधुर व्यवहार: थाने पर आने वाले पीड़ितों और रेल यात्रियों के साथ अत्यंत शालीन और मददगार व्यवहार किया जाए ताकि पुलिस की छवि और बेहतर हो सके।

इस अवसर पर सहायक सुरक्षा आयुक्त (RPF) झाँसी श्री कृष्णानन्द तिवारी, क्षेत्राधिकारी जीआरपी झाँसी श्री सलीम खान, जीआरपी, आरपीएफ के समस्त थाना प्रभारी व अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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