पार्सल कंटेनर की आड़ में कर रहे थे गांजा तस्करी, 871 किलो गांजा सहित दो दबोचे 

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यूपी ANTF की झांसी यूनिट ने जबलपुर में बड़ी कार्रवाई कर 4.35 करोड़ रुपये का गांजा पकड़ा 

कार्रवाई से जुड़ी मुख्य बातें:
• जब्ती और कीमत: पुलिस ने नेशनल हाईवे-30 पर गोसलपुर थाना क्षेत्र के मुस्कुरा मोड के पास एक कंटेनर को घेराबंदी कर पकड़ा, जिसमें पेंट के डिब्बों की आड़ में गांजा भरकर ले जाया जा रहा था। बरामद गांजे की कीमत करीब 4.35 करोड़ रुपये आंकी गई है।
• गिरफ्तार तस्कर: पुलिस ने मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी धर्मवीर सिंह और पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर निवासी विक्रम करमाकर के रूप में हुई है।
झांसी/जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में यूपी ANTF की झांसी यूनिट ने जबलपुर क्राइम ब्रांच और गोसलपुर पुलिस के साथ बड़ी कार्रवाई कर तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए कंटेनर क्रमांक NL-01-AC-7191 में पेंट के डिब्बों के बीच छिपा कर रखे 871 किलो 95 ग्राम गांजा जब्त किया है। इसकी अनुमानित कीमत 4 करोड़ 35 लाख 55 हजार रुपए बताई गई है। टीम ने दो तस्करों को दबोच कर कंटेनर में रखे 412 पेंट के डिब्बे और गांजा परिवहन में इस्तेमाल किया जा रहा कंटेनर भी जब्त किया है।

हाईवे पर घेराबंदी कर संदिग्ध कंटेनर को रोका

दरअसल गोपनीय तरीके से नशा तस्करों की तलाश में जुटी यूपी ANTF की झांसी यूनिट को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक पार्सल कंटेनर में भारी मात्रा में गांजा भरकर तस्करी की जा रही है। इस सूचना पर ANTF यूनिट ने जबलपुर क्राइम ब्रांच और गोसलपुर पुलिस के साथ संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला और जबलपुर कटनी नेशनल हाइवे गोसलपुर थाना क्षेत्र के मुस्कुरा ग्राम के पास हाईवे पर घेराबंदी कर संदिग्ध कंटेनर को रोक लिया। जब कंटेनर की तलाशी ली तो उसके अंदर गांजे की बड़ी खेप देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। जांच के दौरान करीब एक हजार किलो गांजा बरामद हुआ।
टीम ने मौके से चालक सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कंटेनर चालक की पहचान धर्मवीर सिंह (45), निवासी अलीगढ़ उत्तर प्रदेश और  विक्रम करमाकर (24), निवासी दक्षिण दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कंटेनर का मालिक धर्मवीर सिंह खुद ही गांजे की तस्करी में शामिल था और अपने साथी के साथ इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था।

अंबाला से गांजे की बड़ी खेप लेकर निकले थे
पुलिस के मुताबिक आरोपी अंबाला से गांजे की बड़ी खेप लेकर निकले थे और कंटेनर के जरिए कटनी की ओर जा रहे थे। तस्करों ने पार्सल कंटेनर की आड़ में गांजे की सप्लाई का तरीका अपनाया था। रास्ते में अलग-अलग जगहों पर हैंडलर्स को गांजे के पैकेट सप्लाई किए जा रहे थे। यानी कंटेनर एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने के दौरान नशे की खेप की डिलीवरी भी करता जा रहा था।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रास्ते में आरोपियों ने कहां-कहां गांजे के पैकेट उतारे और इस तस्करी में उनके साथ कितने लोग शामिल हैं। गांजा कहां से लाया गया था और किन-किन स्थानों पर इसकी डिलीवरी की जानी थी। इसके अलावा रास्ते में जिन स्थानों पर गांजे के पैकेट सप्लाई किए गए हैं, उनकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस को आशंका है कि इस कार्रवाई के जरिए गांजा तस्करी से जुड़े बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

ओडिशा से मध्य प्रदेश तक फैला तस्करी का नेटवर्क

जांच में कंटेनर चालक धर्मवीर सिंह ने पुलिस को बताया कि, ”वह विक्रम के साथ 18 अक्टूबर को विशाखापट्टनम से माल लेकर निकला था। 19 अक्टूबर को उसे अंबाला पहुंचना था। इसी दौरान ओडिशा के बलांगीर निवासी प्रभात साहू का फोन आया। उसने मध्य प्रदेश में गांजे की खेप पहुंचाने के लिए कहा। आरोपी के मुताबिक, वह पहले भी प्रभात साहू के कहने पर कई बार मध्य प्रदेश में गांजा पहुंचा चुका है। इसके बदले उसे एक खेप के एक लाख रुपए मिलते थे.” धर्मवीर ने बताया कि, ”27 अक्टूबर को प्रभात साहू के यहां से गांजे की 28 बोरियां कंटेनर में लोड की गई थीं। उसे मैहर से पहले जियो पेट्रोल पंप के पास गांजा उतारने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस अब गांजे की सप्लाई करने वाले प्रभात साहू और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

 

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