तीन बच्चों के सर से हटा मां बाप का साया
झांसी। जिले के रक्सा थाना क्षेत्र अंतर्गत पुनावली में पत्नी के किसी अन्य से रिश्तों के सन्देह ने ऐसा गम्भीर रूप ले लिया कि हंसती खिलखिलाती दो जिन्दगियों का दर्दनाक अंत हो गया और तीन बच्चे अनाथ हो गए। सन्देह और विवाद के चलते 20 घंटे के भीतर पति-पत्नी ने आत्महत्या कर ली। पत्नी की मौत के बाद अस्पताल से लापता हुए पति का शव भी पेड़ से लटका मिला। पहले पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की तो मायके पक्ष ने पति पर हत्या का आरोप लगाया। आरोपों व पत्नी की मौत से मानसिक आघात के बीच पति भी लापता हो गया और देर रात उसका शव पेड़ से फंदे पर लटका मिला। इस वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। माता पिता की मौत के बाद तीनों बच्चे दादा दादी के संरक्षण में पहुंच गये हैं।
मोबाइल पर पत्नी की बातचीत बनी जानलेवा
दरअसल, 38 वर्षीय मनोज अहिरवार रंगाई-पुताई का काम करता है। वह अपनी 35 वर्षीय पत्नी वंदना व तीन बच्चों देवांश (12), राधिका (10) और ऋषभ (7) के साथ पुनावली में अपने माता-पिता से अलग रहता था। परिजनों के मुताबिक, दंपति पिछले कुछ महीनों से पुणे में रहकर मजदूरी कर रहे थे। लगभग 20 दिन पहले मनोज ने पत्नी को किसी व्यक्ति से फोन पर बात करते देख लिया था, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया और इसी विवाद के चलते वे लोग झांसी लौट आए
परिजनों का यह भी कहना है कि घर लौटते समय वंदना ने ट्रेन से कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी लेकिन उस समय मनोज ने उसे बचा लिया था। हालांकि, झांसी आने के बाद भी दोनों के बीच तनाव कम नहीं हुआ था। बुधवार रात मोबाइल फोन से कुछ ऐप डिलीट करने की बात को लेकर दोनों में फिर तीखी बहस हुई। आरोप है कि इसी बात पर झगड़ा इतना बढ़ गया कि वंदना कमरे में चली गई और दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक अंदर से कोई आवाज न आने पर बच्चों और परिजन दीवार तोड़कर कमरे में गए तो वंदना फांसी के फंदे पर लटकी मिली। परिजनों ने उसे नीचे उतारा और पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया।
झाड़ियों में पेड़ से लटका मिला मनोज का शव
पत्नी की मौत से दुखी मनोज ने उसी दिन आत्महत्या का प्रयास किया लेकिन परिजनों और पुलिस ने उसे बचा लिया। वह पत्नी के पोस्टमॉर्टम के दौरान मेडिकल कॉलेज भी गया, लेकिन वहां से लौटने के बजाय अचानक गायब हो गया। वह पत्नी के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुआ। गुरुवार देर रात सूचना मिली कि ग्रीन होम सिटी के पास झाड़ियों में एक पेड़ से एक व्यक्ति का शव तौलिया के सहारे लटका हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया। मृतक की जेब से उसका और उसकी पत्नी का आधार कार्ड मिला, जिससे पहचान मनोज अहिरवार के रूप में हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
मायके पक्ष का आरोप- यह आत्महत्या नहीं, हत्या है
मृतका के ताऊ बादाम सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। उनका आरोप है कि शादी के बाद से ही मनोज उनकी भतीजी को प्रताड़ित करता था। वह शराब पीकर मारपीट करता और पैसों की मांग करता था। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 सालों से वंदना को परेशान किया जा रहा था और कई बार पंचायत भी हुई। हाल ही में भी समझौते का प्रयास किया गया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई बार वंदना के शरीर पर चोट के निशान देखे थे और घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
बेटे देवांश ने बताई घटनाक्रम की कहानी
मृतक दंपति के 12 साल के बेटे देवांश ने बताया कि पिता ने मां को किसी अन्य व्यक्ति से फोन पर बात करते देख लिया था, जिसके बाद अक्सर झगड़े होते थे। घटना वाले दिन भी इसी बात पर विवाद हुआ। मां ने मोबाइल से कुछ ऐप डिलीट किए, जिससे पिता नाराज हो गए। झगड़े के बाद मां कमरे में चली गईं और फांसी लगा ली। देवांश के मुताबिक, पिता ने भी फांसी लगाने की कोशिश की थी, जिन्हें उन्होंने और परिवार वालों ने बचा लिया था। बाद में अस्पताल से पिता गायब हो गए और फिर उनकी मौत की खबर मिली। फिलहाल पति-पत्नी की असमय मौत से परिजन व पूरा गांव स्तब्ध है।













