झांसी। जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय (17-18 मार्च, 2026) राष्ट्रीय संगोष्ठी “डिजिटल युग में मीडिया, समाज और सार्वजनिक विमर्श” में बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झांसी के डॉ. कौशल त्रिपाठी ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति से संस्थान का मान बढ़ाया है।
डॉ. त्रिपाठी को उनके शोध पत्र “उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में चुनावी विमर्श को आकार देने में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका” के लिए सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र प्रस्तुति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनके इस शोध ने डिजिटल युग में बदलती राजनीतिक संचार व्यवस्था पर गहरा प्रकाश डाला। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे आज के दौर में स्थानीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पारंपरिक विज्ञापनों से इतर, जनता की राय बनाने और चुनावी विमर्श को प्रभावित करने में ‘डिजिटल गेटकीपर’ के रूप में एक निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। विशेषकर झांसी जिले के संदर्भ में उनका यह अध्ययन मतदाताओं के व्यवहार और सूचना प्रसार के नए तरीकों को समझने में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय के मार्गदर्शन में शोधार्थियों एवं संकाय सदस्यों के दल ने दी प्रभावशाली उपस्थिति
बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों और शोधार्थियों के एक उच्च स्तरीय दल ने इस राष्ट्रीय सम्मेलन में शिरकत की। सम्मेलन के दौरान विश्वविद्यालय की ओर से कुल 10 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जो मीडिया और समाज के विभिन्न पहलुओं पर आधारित थे। इस शैक्षणिक दल में डॉ. कौशल त्रिपाठी के साथ डॉ. राघवेंद्र दीक्षित, डॉ. अभिषेक दीक्षित और डॉ. बृजेश परिहार जैसे अनुभवी शिक्षकों ने अपने विचार साझा किए। इसके अतिरिक्त, शोध छात्र देवेन्द्र सिंह, भरत कुमार सिंह, शुभम कुशवाहा, चंचल मेघनानी, महेंद्र कुमार और छात्र अजय कुमार ने भी अपने शोध पत्रों के माध्यम से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर महत्वपूर्ण चर्चा की। विश्वविद्यालय की इस सामूहिक भागीदारी और सफलता पर कुलपति एवं समस्त शैक्षणिक जगत ने हर्ष व्यक्त किया है।














