जहां एलोपैथी बेअसर, वहां होम्योपैथी ही कारगर – डॉ बुन्देला

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डॉ हैनीमैन के जन्मदिवस पर दी श्रद्धांजलि, निःशुल्क शिविर में हुआ मरीजों का परीक्षण

झांसी। होम्योपैथी के जनक डॉ हैनीमैन सैमुअल का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। झाँसी में उनके जन्मदिवस पर कार्यक्रमों की शुरुआत करने वाले नगर के प्रसिद्ध और वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ आर एस एस बुन्देला क्लिनिक पर इस बार भी आयोजित भव्य कार्यक्रम में डॉ हैनीमैन को श्रद्धांजलि दी गई।

इस अवसर पर उपस्थित होम्योपैथिक चिकित्सकों और वक़्ताओं ने कहा कि होम्योपैथिक चिकित्सा आज वरदान बन गई है। इसमें एलोपैथी जैसे दुष्प्रभाव के खतरे बिल्कुल नहीं हैं। अब तो समय के साथ होम्योपैथिक चिकित्सा में हो रहे नित्य नये अनुसन्धानों ने इस पैथी से जुड़े उन दुष्प्रचारों को भी खत्म किया है कि यह देर से असर करती है। आयोजक डॉ बुन्देला ने बताया कि कुछ असाध्य रोगों में यह परिणाम देखने को मिले हैं कि जहां सर्जरी ने हाथ खड़े कर दिए, वहां होम्योपैथी ने मरीजों को ऐसे असाध्य रोगों से छुटकारा दिलाया है। ऐसे रोगों में कैंसर आदि भी शामिल है।

आरम्भ में समाज सेवी अशोक काका ने डॉ हैनीमैन के चित्र पर माल्यार्पण किया और दीप प्रज्जवलित किया। इसके बाद उनके जीवनवृत पर रोशनी डाली। झोकनबाग में जेल रोड स्थित क्लिनिक पर कार्यक्रम में तत्पश्चात निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में रोगियों को निःशुल्क सलाह व चिकित्सा प्रदान की गई। शिविर में एस बी एल होम्योपैथिक दवा कंपनी से आए अरुण सिंह ने शिविर में आए हुए मरीजों को निःशुल्क दवा वितरण की।

कार्यक्रम में वरिष्ठ योग चिकित्सक नित्या सिंह बुन्देला, डॉ गौरव गुप्ता , डॉ धर्मेंद्र ख़तल, डॉ हरिमोहन सोनी, डॉ आर.एस राजपूत, डॉ अनुराग शुक्ला, डॉ हेमंत पटसारिया, डॉ रंजीत सिंह, खुशबू कुशवाहा, दीपक त्रिपाठी, शेख खान, राजकिशोर सेन आदि उपस्थित रहे।
आभार डॉ आर एस एस बुंदेला ने जताया।

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