रॉयल सिटी सट्टा सिंडिकेट में नहीं मिली पुलिस को रिमांड, डकैती कोर्ट से भेजे गए जेल
झांसी। ऑन लाइन सट्टा सिंडिकेट में फंसे भाजपा नेता आशीष उपाध्याय पर ग्रहण बढ़ता ही जा रहा है। कहीं से कोई राहत नहीं मिलने पर उन्हें महाकाल की कृपा का ही आसरा दिखाई दे रहा है। उन्होंने कचहरी से जेल वापस जाते समय मीडिया के सवालों पर कहा – महाकाल की कृपा होगी, सत्य की जीत होगी।
गौरतलब है कि प्रयागराज हाईकोर्ट से राहत मिलने पर बुधवार को जिला कारागार से छूटे आशीष को जेल के बाहर पहुंचने पर सीपरी बाजार थाना पुलिस ने दबोच लिया था। उधर देर रात प्रेमनगर थाना में आवास विकास कॉलोनी निवासी उद्यम सिंह की तहरीर पर आशीष उपाध्याय, उसके साथी मंगलम दुबे सहित चार के खिलाफ जमीन की रजिस्ट्री कराकर चैक देना और रुपए हड़पने तथा रुपए मांगने पर जान से मारने की धमकी देकर 45 हजार रुपए लूट लेने तथा उसे व परिवार को बंदूक की गोलियों से भून कर हत्या कर देने का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
इसके बाद गुरुवार को सीपरी बाजार और प्रेमनगर थाना की पुलिस ने आरोपी भाजपा नेता आशीष को अपने अपने मुकदमे में न्यायालय में पेश किया। जहां डकैती कोर्ट ने आशीष उपाध्याय को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेजने का आदेश दिया। इसके बाद सीपरी बाजार पुलिस ने आशीष उपाध्याय को रॉयल सिटी सट्टा सिंडिकेट प्रकरण में मख्य न्यायिक मैजिस्टेट की अदालत में पेश किया। न्यायालय में आरोपी आशीष की ओर से अधिवक्ताओं ने पुलिस द्वारा की जा रही रिमांड की मांग को अवैध ठहराते हुए उसका विरोध किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सीपरी बाजार पुलिस की रिमांड याचिका को खारिज कर दिया। इसके बाद पुलिस आशीष उपाध्याय भाजपा नेता को लूट करने के मामले में जेल भेज दिया है।
कचहरी में नहीं पहुंचे समर्थक
भाजपा नेता आशीष उपाध्याय के समर्थक आज कचहरी से गायब रहे जबकि दो मई को कचहरी परिसर में और 13 मई को जिला कारागार से रिहा होने पर समर्थक मौजूद थे। लेकिन जैसे ही पुलिस ने जिला कारागार से आशीष को रिहा होने के बाद हिरासत में लिया और जब आज़ न्यायालय में पेश किया गया तो उनके आसपास समर्थक फटके नहीं। यह बात दीगर थी कि चंद समर्थक न्यायालय के इधर उधर मौजूद रहे।














