साइबर अपराध के खिलाफ झांसी पुलिस की बड़ी कार्यवाही, सात गिरफ्तार, विदेशी करेंसी को भारतीय करंसी में बदलते थे
झांसी। जिले में एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति के निर्देशन में ऑन लाइन सट्टा माफिया और साइबर अपराधियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्यवाही के क्रम में अब प्रेमनगर थाना पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए ऐसे साइबर क्रिमिनल्स गैंग के सात शातिरों को दबोच लिया जिन्होंने बैंक खाते, नेट बैंकिंग, यूपीआई एवं विदेशी डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर साइबर ठगी की धनराशि को छिपाकर अवैध लेन-देन किया गया था। गिरोह ने 25 दिन में 19 बैंक खातों के माध्यम से ₹4.35 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी की धनराशि का ट्रांजेक्शन किया गया था। गिरोह से साइबर ठगी की धनराशि को USDT में परिवर्तित कर विभिन्न डिजिटल वॉलेट्स में स्थानांतरित करने के आर्थिक नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। शातिरों के कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त 08 मोबाइल फोन, 01 सिम कार्ड, 04 एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं अन्य बैंकिंग दस्तावेज बरामद कर लिए।
पुलिस को विदेशी चाइनीज वेबसाइट CESHI.TTTPYM.COM से जुड़े लगभग ₹38 करोड़ मूल्य के वित्तीय लेन-देन एवं 114 बैंक खातों की जानकारी प्राप्त हुई। बाइनेंस प्लेटफॉर्म पर 529 USDT फ्रीज, लगभग 37,966 USDT (करीब ₹37.20 लाख) के डिजिटल ट्रांजेक्शन तथा आईडीबीआई बैंक खाते में ₹43,487/- की धनराशि होल्ड की गई।
यहां पुलिस लाइन में मीडिया से रू-ब-रू वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि 26 मई को थाना प्रेमनगर पुलिस द्वारा रागिब अहमद पुत्र शरीफ अहमद नि० स्कूलपुरा थाना प्रेमनगर, सनी अमराया पुत्र चन्द्र मोहन अमराया नि० मिशन कम्पाउण्ड थाना सीपरी बाजार, सोहिल खान पुत्र अफरोज खान नि० पानी की टंकी पु0नं0 9 थाना प्रेमनगर, अनुभव सिंह पुत्र राकेश कुमार नि० नगरा महावीरन थाना प्रेमनगर, दानिश खान उर्फ नूर पुत्र इकबाल नि० ईसाईटोला थाना प्रेमनगर, सौरभ विश्वकर्मा पुत्र हरिओम विश्वकर्मा नि० महावीरन मंदिर के पास प्रेमनगर, देवेश कुमार गौतम पुत्र कमल किशोर नि० सुमेर नगर ईसाईटोला थाना प्रेमनगर झाँसी को गुलाम गौस खां मार्ग कच्चे पुल के पास से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस टीम ने अभियुक्तगण के कब्जे से 08 मोबाइल फोन, 01 सिम कार्ड, 01 चेकबुक एवं 04 एटीएम कार्ड बरामद किए गए। अभियुक्तों के मोबाइल फोन एवं डिजिटल उपकरणों की तकनीकी जांच एवं विश्लेषण करने पर साइबर फ्रॉड, बैंक खातों के दुरुपयोग, यू०पी०आई० आईडी निर्माण, नेट बैंकिंग संचालन (USDT) लेन-देन से संबंधित महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य प्राप्त हुए।
दरअसल, 25 मई को थाना प्रेमनगर पुलिस को मुखबिर खास से सूचना प्राप्त हुई कि एक संगठित गिरोह के सदस्य ऑनलाइन साइबर फ्रॉड से संबंधित बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड एवं अन्य डिजिटल संसाधनों का उपयोग कर साइबर अपराध संचालित करते हैं तथा वर्तमान में गुलाम गौस मार्ग के निकट एकत्रित हैं। पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा तत्काल घेराबंदी कर मौके से 07 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
अपराध करने का तरीका
पूछताछ एवं मोबाइल फोन के तकनीकी विश्लेषण से ज्ञात हुआ कि गिरोह का मुख्य संचालक ध्रुव निवासी इन्दौर चाइनीज वेबसाइटों एवं ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्मों के माध्यम से साइबर फ्रॉड कर धनराशि विभिन्न बैंक खातों में मंगवाता था। गिरोह के सदस्य रागिब अहमद द्वारा इण्डोनेशिया के सिम का प्रयोग करते हुए विभिन्न व्यक्तियों से प्राप्त बैंक खातों की यूपीआई एवं नेट बैंकिंग बनाकर उनकी जानकारी विदेशी व्हाट्सएप नंबर के माध्यम से मुख्य संचालक तक पहुंचाई जाती थी।
पूछताछ में यह भी प्रकाश में आया कि गिरोह ऑनलाइन गेमिंग साइटों (1BET, Casino आदि) के माध्यम से लोगों को अधिक लाभ का लालच देकर रिचार्ज एवं पॉइंट खरीदने के लिए प्रेरित करता था। साइबर फ्रॉड से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों में जमा कराया जाता था। 500 रुपए से अधिक राशि वाले लेन-देन, जिन पर साइबर शिकायत दर्ज होती थी, उन्हें गेमिंग प्लेटफॉर्म पर जीतने वाले खिलाड़ियों के खातों में भेज दिया जाता था, जिससे उन खातों पर फ्रीज/लीन लग जाती थी और वास्तविक अपराधियों तक पहुंचना कठिन हो जाता था। वहीं ₹500 से कम राशि वाले ट्रांजेक्शन, जिनकी शिकायत सामान्यतः दर्ज नहीं होती या ट्रैकिंग कठिन होती थी, उन्हें विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित कर USDT में परिवर्तित कर दिया जाता था तथा गिरोह के सदस्यों एवं एजेंटों को कमीशन के रूप में वितरित किया जाता था।
गिरोह के सदस्य सनी अमराया, सोहिल खान, अनुभव सिंह, दानिश उर्फ नूर, सौरभ विश्वकर्मा एवं देवेश गौतम बैंक खाते उपलब्ध कराने का कार्य करते थे, जबकि हर्ष बैंक खातों से लिंक सिम कार्ड उपलब्ध कराता था। साइबर फ्रॉड से प्राप्त धनराशि को बाद में सलाम द्वारा USDT में परिवर्तित कर विभिन्न Binance खातों में भेजा जाता था ताकि धनराशि की ट्रेसिंग न हो सके।
जांच में विगत 25 दिनों के दौरान 19 बैंक खातों में लगभग ₹4.35 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन, चाइनीज वेबसाइट CESHI.TTTPYM.COM से लगभग ₹38 करोड़ मूल्य के वित्तीय लेन-देन, 529 USDT फ्रीज, लगभग 37,966 USDT (₹37.20 लाख) के डिजिटल ट्रांजेक्शन तथा 114 बैंक खातों से संबंधित जानकारी प्राप्त हुई है। प्रकरण में कुल ₹4,35,64,029/- की धनराशि फ्रीज/होल्ड कराई गई है तथा गिरोह के अन्य सदस्यों एवं आर्थिक नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।
गिरोह के फरार सदस्य- हर्ष पुत्र अज्ञात नि0-मेडिकल थाना नवाबाद, ध्रुव पुत्र अज्ञात निवासी मेडिकल थाना नवाबाद हाल निवासी इन्दौर, सलाम पुत्र अज्ञात नि०- मस्जिद के पास थाना प्रेमनगर जनपद झाँसी की तलाश की जा रही है।
धनराशि फ्रीज व होल्ड कराई गई – पुलिस द्वारा कुल ₹4,35,64,029/- की साइबर फ्रॉड से संबंधित धनराशि फ्रीज/होल्ड कराई गई। Binance प्लेटफॉर्म पर 529 USDT फ्रीज कराया गया तथा 37,966 USDT (लगभग ₹37,20,668/- मूल्य) के ट्रांजेक्शन का विवरण प्राप्त हुआ। चाइनीज वेबसाइट CESHI. TTTPYM.COM से संबंधित लगभग 2,20,81,308 युआन (भारतीय मूल्य के अनुसार लगभग ₹38 करोड़) के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का विवरण प्राप्त हुआ। आईडीबीआई बैंक खाते में ₹43,487.86/- की धनराशि होल्ड कराई गई। 114 बैंक खातों से संबंधित बैंकिंग विवरण, यूजर आईडी, पासवर्ड, यूपीआई एवं नेट बैंकिंग संबंधी डिजिटल जानकारी प्राप्त हुई।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम :- प्रभारी निरीक्षक श्री तुलसीराम पाण्डेय, उ0नि0 संत प्रकाश त्रिपाठी, योगेन्द्र कुमार शर्मा, अवधेश कुमार, प्रमोद कुमार, शमशुल हसन, रामदत्त पाठक, का0 ज्ञानचन्द्र, आशीष द्विवेदी, रि0का0 नीतेश सागर, रोहित कुमार, अनिल चाहर, आलोक यादव, विष्णु कुमार, कुलदीप कुमार, दीपू, चालक का0 आलोक कुमार थाना प्रेमनगर, झाँसी शामिल रहे।














