झांसी। न्यायालय विशेष न्यायाधीश ई सी एक्ट अनुभव द्विवेदी की अदालत में कार सवार कारोबारी संजय वर्मा पर दिन दहाड़े कचहरी चौराहा पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उनके निजी सुरक्षा कर्मी की हत्या करने के मामले में आठ आरोपियों को दोष सिद्ध कर दिया और आठ आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोष साबित नहीं होने पर दोष मुक्त कर दिया। दोष सिद्ध आरोपियों की सजा पर फैसला सुरक्षित रखा है। दोष सिद्ध आरोपियों को शनिवार को सजा सुनाई जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति के निर्देशन में कचहरी परिसर में सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।
यह मामला उस समय झांसी की सबसे चर्चित आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा था। दिनदहाड़े कारोबारी की कार पर फायरिंग और अंगरक्षक की हत्या से शहर में दहशत फैल गई थी। मामले की विवेचना बाद में दूसरे जिले की पुलिस से भी कराई गई थी। इस मामले की सीबीसीआईडी ने भी जांच की थी।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र पंचाल, देवेश श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि शहर के बड़े कारोबारी थाना शहर कोतवाली मजदूरों वाली गली निवासी हाल बुंदेलखंड विश्विद्यालय के पास निवासी संजय वर्मा 21 जुलाई 2018 को कचहरी से अपनी तारीख पेशी कर कार से सवार होकर घर जा रहे थे। जैसे ही उनका काफिला कचहरी चौराहे से बस स्टैंड जाने वाले मोड़ पर पहुंचा तभी बीएसए कार्यालय के पुस्तकालय भवन के गेट के निकट बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने उनकी गाड़ी पर बंदूकों से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस घटना में संजय वर्मा ओर उनकी गाड़ी का चालक घायल हो गए थे। वहीं उनके साथ मौजूद उनके निजी सुरक्षा कर्मी की गोलियां लगने से मौत हो गई थी। संजय वर्मा की तहरीर पर नवाबाद थाना पुलिस ने लाली गैंडा उर्फ संदीप गुप्ता, रिंकू गैंडा, राजेंद्र गुर्जर, मुनेंद्र गुर्जर उर्फ पुष्पेंद्र गुर्जर, राव राजा, गुर्जर, प्रहलाद गुर्जर, उधम सिंह, सोनू गैंडा, भारत सिंह गुर्जर, सरदार सिंह गुर्जर, कमलेश यादव, गौरव उर्फ मोंटी, सागर राणा, नितेश पटवारी, रोहित, रोहतास के खिलाफ धारा 148,149,302,120 वी, 307 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने उक्त सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए विवेचना जारी कर आरोपियों की गिरफ्तारी कर उन्हें जेल भेजा था। हालांकि उक्त आरोपियों में से कुछ आरोपी सरदार सिंह गुर्जर और उसके भाई पहले जेल में मौजूद थे। पुलिस ने जेल में बंद आरोपियों को 120 वी का आरोपी बनाया था। इस मुकदमे की सुनवाई करते हुए न्यायालय में शुक्रवार को आठ आरोपियों पर दोष सिद्ध हो गया और आठ आरोपी साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिए गए है। न्यायालय दोष सिद्ध आरोपियों पर फैसला सुरक्षित रख सजा पर फैसला अगली तारीख (शनिवार) पर सुनाया जाएगा।
सीबीसीआईडी जांच भी हुई थी रिपोर्ट में आरोपी बनाए गए एक आरोपी सोनू गैंडा ने इस पूरे प्रकरण में सीबीसीआईडी जांच कराई थी। जिसमें सीबीसीआईडी जांच कर रहे निरीक्षक का तबादला हो गया था और वह न्यायालय में विवेचना संबंधी दस्तावेज दाखिल नहीं कर पाए थे। जिस पर आरोपी सोनू गैंडा के खिलाफ न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था। इस पर आरोपी ने विवेचनाधिकारी के द्वारा की गई जांच रिपोर्ट में क्लीन चिट मिलने वाला दस्तावेज खुद न्यायालय में दाखिल कर दिया था। जिस पर सीजेएम कोर्ट ने आरोपी द्वारा अपने पक्ष में विवेचक का दस्तावेज दाखिल करने पर उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर विवेचक के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिए थे। इस प्रकरण में फरार चल रहे आरोपी सोनू गैंडा की गिरफ्तारी के लिए मंडी चौकी प्रभारी जितेंद्र सिंह तक्कर ने की थी।
नवाबाद थाना के बाद उरई जिले की पलिस ने की थी विवेचना संजय वर्मा अपने ऊपर हुए जान लेवा हमला और अंगरक्षक की मौत की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद विवेचना अन्य जिले की पुलिस से कराने की मांग की गई थी। जिस पर इस मुकदमे की विवेचना उरई जिले के एट थाना स्थानांतरित कर दी थी। एट थाना प्रभारी तत्कालीन देवेंद्र दुबे ने इस पूरे प्रकरण की विवेचना करते हुए आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
इन पर हुआ दोष सिद्ध संजय वर्मा पर फायरिंग करने के आरोप में न्यायालय विशेष न्यायाधीश ने लंबी सुनवाई के बाद फैसला सुनाते हुए आरोपी उधम सिंह, भूपेंद्र, प्रहलाद, राजेंद्र गुर्जर, कमलेश यादव, बोबी गैंडा, सोनू गैंडा, रिंकू गैंडा को दोषी मानते हुए दोष सिद्ध किया गया।
यह हुए दोष मुक्त न्यायालय ने सुनवाई के दौरान साक्ष्य के अभाव में सरदार सिंह गुर्जर, सनम, सागर, रोहतास, गौरव उर्फ मोंटी, नितेश पटवारी, राव राजा, भारत सिंह, को दोष मुक्त कर दिया।














