कुछ दस्तावेज़ उपलब्ध कराए, एक सप्ताह का अल्टिमेटम
झांसी। बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय मंडल आयुक्त, जिला अधिकारी के आदेश के बाद भी झांसी में धड़ल्ले से कार्यरत अवैध नर्सिंग होम्स के संबंधित विभागों द्वारा दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाने से खिन्न होकर शुक्रवार को जिला अधिकारी कार्यालय में भीषण गर्मी में धरने पर बैठ गए।
इसका परिणाम यह हुआ कि धरने पर बैठे भानु सहाय से अपर जिला अधिकारी (न्यायिक) नगर मजिस्ट्रेट, एस. डी. एम . आदि अधिकारियों ने बात की। इसके चलते झांसी विकास प्राधिकरण ने काफी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए। अग्निशमन अधिकारी ने कुछ दस्तावेज दिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने फिलहाल कोई दस्तावेज नहीं दिए। नगर मजिस्ट्रेट ने कहा कि सात दिन के भीतर मुख्य चिकित्सा अधिकारी से उपलब्ध करा दिए जायेंगे। इसके बाद धरना समाप्त हुआ।
मोर्चा अध्यक्ष भानू सहाय ने बताया कि अवैध नर्सिंग होम्स के संबंध में गत 2-3 सालों से मण्डलायुक्त को पांच पत्र, जिलाधिकारी झांसी को 7 पत्र, नगर मजिस्ट्रेट के कार्यालय में 6 बैठकें (सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ) की गई परन्तु मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सचिव झांसी विकास प्राधिकरण, मुख्य अग्नि शमन अधिकारी आदि विभाग के अधिकारियों के संरक्षण में झांसी में धड़ल्ले से चल रहे नर्सिंग होम्स से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाए हैं।
भानू सहाय ने बताया कि उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सचिव झांसी विकास प्राधिकरण, मुख्य अग्निशमन अधिकारी से उनके विभाग की नर्सिंग होम्स को लाइसेंस देने की नियमावली की कॉपी, जिन नर्सिंग होम्स को लाइसेंस दिए हैं उनसे संबंधित समस्त दस्तावेज की कापी, जिन नर्सिंग होम्स को नोटिस दिए हैं उनकी कॉपी के साथ ही झांसी विकास प्राधिकरण से किन किन नर्सिंग होम्स के मानचित्र पास हैं उनकी कॉपी दिलाने की अपेक्षा की थी।
गत दो माह में तीन पत्र जिलाधिकारी को इस आशय से दिए कि उपरोक्त विभागों द्वारा सूचना उपलब्ध नहीं करा रहे हैं इसलिए न चाहते हुए मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने को बाध्य हैं क्योंकि उनकी सरकार में ऐसे अधिकारी जो वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर संज्ञान नहीं लेते हैं ये बर्दाशत से बाहर है और अवैध नर्सिंग होम्स को खुला संरक्षण देने का द्योतक है।
उन्होंने चेतावनी दी कि सी. एम.ओ. और अग्नि शमन विभाग यदि एक हफ्ते के भीतर सूचना उपलब्ध नहीं कराते हैं तो मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने के लिए स्वतंत्र होंगे जिसी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।














