साइबर ठगों के जाल में फंसी दतिया की युवती
दतिया मप्र संवाद सूत्र। पुलिस के काफी प्रचार प्रसार के बाद भी लालच में लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। लकी ड्रॉ और रकम दोगुनी करने के झांसे में लोग फंस कर अपनी जमापूंजी को डुबोकर मूर्ख बन रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के दतिया में उजागर हुआ है।
दरअसल, इंस्टाग्राम पर लकी ड्रॉ जीतने और कुछ ही मिनटों में मोटा मुनाफा कमाने के लालच में एक युवती को साइबर ठगों ने पहले 750 रुपये में 16 हजार रुपये से अधिक का लाभ मिलने का झांसा दिया। उसके बाद कई शुल्कों के नाम पर उससे करीब 1 लाख 59 हजार 594 रुपये ठग लिए। मामले का खुलासा तब हुआ जब ठगों ने और रकम जमा कराने की मांग की।
दतिया के ईदगाह मोहल्ला निवासी 21 वर्षीय डोली झा 23 मई को इंस्टाग्राम पर रील्स देख रही थीं। इसी दौरान उनकी बातचीत पुनीता तिवारी 005 नामक आईडी से हुई। बातचीत के दौरान दावा किया गया कि उनका मोबाइल नंबर एक विशेष लकी ड्रॉ में चयनित हुआ है। केवल 750 रुपये जमा करने पर उन्हें 16 हजार 220 रुपये का लाभ मिलेगा।
इस ऑफर पर भरोसा कर युवती ने बताई गई राशि जमा कर दी। उसके बाद साइबर ठगों ने प्रोसेसिंग फीस, कोड एक्टिवेशन चार्ज, टाइम आउट शुल्क, लोन फीस और अन्य तकनीकी कारण बताकर लगातार रकम मांगनी शुरू कर दी। हर बार यह विश्वास दिलाया गया कि भुगतान पूरा होते ही बड़ी राशि उनके खाते में भेज दी जाएगी।
ठगों के झांसे में आकर युवती ने अलग-अलग किश्तों में कुल 1 लाख 59 हजार 594 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। उसके बावजूद न तो कोई लाभ मिला और न ही जमा की गई राशि वापस हुई। जब ठगों ने 46 हजार 500 रुपये और जमा करने की मांग की, तब युवती को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ। उसके बाद शनिवार शाम पीड़िता ने कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित इंस्टाग्राम आईडी, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच शुरु कर दी है।
पुलिस द्वारा साइबर ठगी के इस मामले में उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और बैंकिंग रिकार्ड के आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस ने आमजन से अपील करने हुए कहाकि इंटरनेट मीडिया पर मिलने वाले लकी ड्रा, आनलाइन ट्रेडिंग, निवेश और त्वरित मुनाफे के दावों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें तथा किसी भी अनजान व्यक्ति या प्लेटफार्म पर धनराशि ट्रांसफर करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। ऐसे में जागरुकता और सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।














