बीकेडी में चपरासी पद पर नौकरी के नाम पर 5 लाख हड़पने वाले प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष गये जेल

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हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत तो किया समर्पण 

झांसी। बुन्देलखण्ड महाविद्यालय प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष व सपा के वरिष्ठ नेता के खास केशभान पटेल ने थक-हार कर आखिरकार सोमवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। केशभान पटेल पर बीकेडी में चपरासी पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर रुपए हड़पने और पीड़ित द्वारा नौकरी नहीं मिलने पर पैसा वापस माँगा, तो सपा नेता द्वारा पुत्रों के साथ प्राणघातक हमले का आरोप है।

अभियोजन पक्ष की पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) मृदुलकान्त श्रीवास्तव के अनुसार राजेश निवासी ग्राम मुढ़ई थाना चिरगाँव हाल निवासी गुमनावारा पिछोर ने सीजेएम न्यायालय में परिवाद दाखिल करते हुए बताया था कि पहले से जान-पहचान वाले केशभान पटेल ने अपने को बीकेडी का अध्यक्ष बताते हुए चपरासी के पद पर नौकरी लगवाने के लिए 5 लाख रुपए देने को कहा। उसने भरोसा कर 20 दिसम्बर 2021 को 5 लाख रुपए नकद दे दिए। इस पर केशभान पटेल ने चपरासी को नियुक्ति पत्र दे दिया। नियुक्ति पत्र लेकर वह बुन्देलखण्ड कॉलिज गया, तो ऑफिस में बैठे लोगों ने नियुक्ति पत्र को फर्जी बता दिया। इस पर उसने रुपया वापस माँगा, तो उसे घर से धमका कर भगा दिया। 2 मई 2022 को केशभान सिंह और उनके पुत्र हर्ष व कपिल ने उसके घर में घुसकर लाठियों से मारपीट कर दी। पुलिस में शिकायत की, तो 15 मई को दोबारा लोहे की रॉड से मारपीट की। सिर में लोहे के रॉड मारने से वह लहूलुहान होकर गिर गया और बेहोश हो गया। उसे मेडिकल कॉलिज में भर्ती कराया गया। पुलिस को भी सूचना दी, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। यह लोग दबंग प्रवृत्ति के प्रभावशाली लोग हैं। इन पर पुलिस कोई कार्यवाही नहीं करती है।

उक्त मामले में आरोपी लगातार जमानत के लिए याचिका दाखिल कर रहा था पर सुप्रीम कोर्ट ने नौ जून 2026 को एंटीसिपेटरी बेल को खारिज कर दिया था। उक्त मामला एडीजे द्वितीय के यहां लंबित था पर छुट्टी पर होने के कारण उन्होंने एडीजे तृतीय कनिष्क सिंह की कोर्ट में सरेंडर कर दिया वहां से उसे पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। जमानत पर सुनवाई 24 जून को होगी।

इधर, उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने सह अभियुक्तगण कपिल व हर्ष पटेल की अग्रिम जमानत प्रार्थना-पत्र पर सुनवाई करते हुए 8 जुलाई 2026 तक उत्पीड़नात्मक कार्यवाही किए जाने पर रोक लगायी है।

छठवीं जमानत भी खारिज
आत्मसमर्पण से पहले केशभान पटेल ने जिला जज कोर्ट में आत्मसमर्पण के बाद जमानत याचिका दाखिल की थी। न्यायाधीश ने मामले को गंभीर बताते हुए जमानत याचिका निरस्त कर दी। पीड़ित की अधिवक्ता के अनुसार जिला कोर्ट में दो बार, हाईकोर्ट में दो बार और एक बार सुप्रीम कोर्ट में बाहर के बाहर के बाहर जमानत लेने के लिए याचिका दाखिल की थी पर कहीं से भी राहत नहीं मिली। आखिरी बार सोमवार को एक बार फिर जमानत याचिका दी फिर भी राहत नहीं मिली।

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