झांसी। आखिर नगर निगम अपनी ही जमीन को कब्जे से मुक्त कराने में चुप्पी क्यों साधे हुए है? यह सवाल जन मानस को कचोटता है। नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत के बावजूद पैमाइश न कराए जाने से नाराज पार्षदों ने सोमवार को नगर आयुक्त कार्यालय में जमकर हंगामा किया। नाराज पार्षदों ने निगम के राजस्व कर्मियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उनकी भूमिका जांचने की मांग की, लेकिन हुआ कुछ नहीं।

दरअसल, लम्बे समय से नगर निगम अंतर्गत कोछाभांवर, बूढ़ा, गरियागांव आदि इलाकों में जमीन पर कब्जे की शिकायत लगातार सामने आ रही हैं, किंतु नगर निगम का जिम्मेदार विभाग इस ओर चुप्पी साधे हुए हैं और धड़ल्ले से अवैध कब्जा धारी मौज कर रहे हैं। सोमवार दोपहर में पार्षद प्रतिनिधि शांतिकांत श्रीवास, संजीव गुप्ता, अंकित सहारिया, प्रदीप खटीक, प्रवीण लखेरा आदि अवैध कब्जा पर कार्रवाई न होने की शिकायत लेकर अपर नगर आयुक्त कार्यालय पहुंच गए।

पार्षद इस मामले में निगम के राजस्व कर्मियों पर ही मिलीभगत का आरोप लगाने लगे। इसको लेकर पार्षद एवं कानूनगो के बीच नोकझोंक भी हुई। अपर नगर आयुक्त रोली गुप्ता के कार्रवाई का भरोसा दिलाने पर पार्षद शांत हुए। पार्षदों के हंगामे की वजह से वहां अफरा-तफरी रही। देखना है कि पार्षदों की पहल पर क्या कार्रवाई होती है।