‘12 सालों में जो विकास हुआ, वह झांकी है, पूरी पिक्चर अभी बाकी है’
‘सपा-कांग्रेस की सरकार में सत्तापोषित माफिया का था राज ‘
झांसी। दीनदयाल सभागार में विकसित भारत संकल्प सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारों की नीयत ठीक नहीं थी इसलिए नीति भी नहीं बना पाते थे। भाजपा सरकार में देश और प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में माफिया की कमर टूट चुकी है। वह मिट्टी में मिल चुके हैं। पहले बुंदेलखंड का नौजवान पलायन करता था लेकिन अब नौकरी कर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत तब विकसित होगा, जब यूपी विकसित होगा। यूपी तब विकसित होगा, जब झांसी विकसित होगा। झांसी भी तब विकसित होगा, जब यहां की सभी नगर निकाय और अन्य इलाके विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का नारा दिया। देश के 140 करोड़ लोगों के लिए कार्ययोजना बनाकर काम किया। इससे राम मंदिर बनने में भी देरी नहीं हुई। यह नए भारत की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि 2022 में जब दुनिया कोविड की चपेट में थी। हिम्मत हार चुकी थी तब प्रधानमंत्री आगामी 25 साल की कार्ययोजना बना रहे थे। मुख्यमंत्री बोले कि 2000 साल पहले दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत की 40% की हिस्सेदारी थी। देश आजाद होने के दो साल बाद यह घटकर फीसदी रह गई। अब फिर से भारत दुनिया की पांच बड़ी अर्थव्यवस्था में शामिल हो गया है।
उन्होंने कहा कि भारत के पिछड़ने का एक कारण यह भी था कि हम विभाजित थे। जाति, भाषा, क्षेत्र के नाम पर बंटे हुए थे। इसी का फायदा विदेशी आक्रांताओं ने उठाया। जबकि, उनके पास न तो हमसे ज्यादा फोर्स थी। न ही वो हमसे वैभवशाली और न ही बलशाली थे, शक्तिशाली नहीं थे। हमारे पास सब कुछ था। बल भी था, बुद्धि भी थी, वैभव भी था। हमारे पिछड़ने का कारण क्या था? एक कारण था कि हम विभाजित थे। जाति के नाम पर, क्षेत्र के नाम पर, भाषा के नाम पर, अलग-अलग वादों के आधार पर हम विभाजित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी निष्ठा देश के लिए नहीं, सनातन धर्म के लिए नहीं, हमारी निष्ठा अपने लिए स्वयं के लिए थी, अपनी जाति विशेष के लिए थी। परिणाम क्या था? विदेशी आक्रांता पहले हमें तोड़ते थे, फिर हमें काटते थे, फिर हम पर राज करके हमें ही गुलाम बना देते थे। यही तो हुआ। इतिहास उठा करके देखिए। यही होता रहा, इसलिए एकता पर बल देना। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो इस समाज को जाति के नाम पर बांट रहे हैं ना, इस समाज के हितैषी नहीं और अगर देखना हो जब इनका शासन था तब ये क्या करते थे? अपने परिवार का पेट भरते थे। तब परिवार के लिए कार्य करते थे, और जब सत्ता से बेदखल कर दिया जनता ने, तो अब जाति के नाम पर समाज को बांटना चाहते हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि हमें परंपराओं से काटा गया और उसके कारण धीरे-धीरे करके हम अपनी विरासत से भी, हम कटते गए, छंटते गए। यही कारण था, 1947 में देश आजाद होने के बाद जब भारत माता के सपूत लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ के मंदिर के पुनरुद्धार के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया, तो तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने विरोध किया। जब पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में सोमनाथ मंदिर जा रहे थे, तो तत्कालीन प्रधानमंत्री ने पत्र लिखकर के आपत्ति व्यक्त की, क्योंकि गुलामी की मानसिकता हावी हो चुकी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार हुआ जब भारत के कोई प्रधानमंत्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिलान्यास में भी, प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भी और भारत की केसरिया ध्वजा का, धर्म ध्वजा का आरोहण जब राम मंदिर में होना था तब अयोध्या में स्वयं पधारे, अपने कर कमलों से तीनों कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया। ये है विरासत का सम्मान।
बुंदेलखंड की विकासगाथा बताई
भाजपा सरकार में बुंदेलखंड में कराए गए विकास कार्यों को भी सीएम योगी आदित्यनाथ ने गिनाया। कहा कि बुंदेलखंड में डिफेंस कॉरिडोर, बीडा, एक्सप्रेस-वे तक बन गया है। ये सपने का पूरा होने के जैसा है। पिछली सरकारों ने बुंदेलखंड के विकास पर ध्यान नहीं दिया।
प्रारम्भ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई, वीरांगना झलकारी बाई, हॉकी के जादूगर मेजर ध्यान चंद्र, राष्ट्र कवि मैथिली शरण गुप्त, आदि को नमन किया।
मां पीतांबरा पीठ पहुंच कर की पूजा अर्चना
दो दिवसीय दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह दतिया पहुंचे। जहां उन्होंने मां पीतांबरा देवी के दर्शन कर पूजा अर्चना की। इसके बाद वह ललितपुर पहुंचे। जहां जन सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने करोड़ों की परियोजनाएं ललितपुर को दी। इसके बाद योगी आदित्यनाथ दोपहर को झांसी पहुंचे। दीनदयाल सभागार में सम्मेलन को संबोधित करने के बाद देर शाम वह मंडलायुक्त सभागार में विकास और कानून व्यवस्था की समीक्षा की। रात्रि सर्किट हाउस में विश्राम के बाद वह रविवार की सुबह योग शिविर में भाग लेंगे साथ ही करोड़ों की परियोजनाओं की झांसी को सौगात देंगे।














