सुरक्षा व्यवस्था व जन जागरुकता को चुनौती
झांसी। झांसी मंडल के मुस्तरा स्टेशन के पास ग्वालियर-बरौनी मेल (11123) पर उपद्रवियों द्वारा पथराव कर दिया गया, जिसमें ट्रेन के एसी कोच (A-1) का कांच क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई यात्री हताहत नहीं हुआ, लेकिन अचानक हुए इस हमले से यात्रियों में भारी दहशत फैल गई। रेल सुरक्षा बल और जीआरपी द्वारा शरारती तत्वों की पहचान और तलाश के लिए जांच शुरू कर दी गई है। ख़बर लिखे जाने तक पथराव करने वाले बेसुराग हैं।
ग्वालियर से चलकर बरौनी जा रही बरौनी एक्सप्रेस (11123) शनिवार दोपहर 1:42 बजे झांसी से रवाना हुई। इसके बाद मुस्तरा स्टेशन पर रुकी थी, इसी बीच किसी शरारती तत्व ने गाड़ी पर पथराव कर दिया। एक पत्थर एसी कोच नंबर ए-1 के कांच में लगने से कांच क्षतिग्रस्त हो गया। खड़ी गाड़ी पर पत्थर लगने से कोच में तेज आवाज से यात्री सहम उठे।
सूचना पर आरपीएफ ने छानबीन की, लेकिन मौके पर कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। आरपीएफ ने मामला दर्ज कर शरारती तत्व की तलाश शुरू कर दी है।
पिछले चार माह की प्रमुख घटनाएं – गौरतलब है कि पथराव की घटनाओं को लेकर लगातार सख्ती व जागरूकता बेअसर साबित हो रहे हैं। शरारती लोग रेल सुरक्षा एजेंसियों के लिए मुसीबत बढ़ा रहे हैं।
पिछले चार माह की प्रमुख घटनाओं पर गौर करें तो सुरक्षा बलों के दावे फेल हैं
– नौ मार्च को दिल्ली जा रही शताब्दी एक्सप्रेस पर सिधौली व सोनागिर के बीच पथराव, सी को कांच
– 15 मई को ग्वालियर में ताज एक्सप्रेस के डी-1 कोच में आपातकालीन खिड़की पर पथराव।
– 16 मई को खजुराहो वंदेभारत में तालबेहट के समीप पथराव, सी-14 कोच का कांच क्षतिग्रस्त
– 25 जून को करारी व चिरुला के बीच गतिमान एक्सप्रेस में पथराव, कोच का कांच क्षतिग्रस्त
यात्री सुरक्षा और दिशा-निर्देश
भारतीय रेलवे की ओर से लगातार ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। यदि आपको रेल यात्रा के दौरान पथराव या अन्य किसी भी आपात स्थिति का सामना करना पड़े, तो तुरंत ट्रेन में मौजूद RPF स्टाफ, टीटीई (TTE) या कोच अटेंडेंट को सूचित करें। आप आपातकालीन सहायता के लिए 139 (रेलवे सुरक्षा हेल्पलाइन) डायल कर सकते हैं।
रेलवे एक्ट की धारा 152 के तहत कड़ा कानून
भारतीय रेलवे अधिनियम की धारा 152 के तहत चलती ट्रेन पर पत्थर, लकड़ी या कोई भी ऐसी वस्तु फेंकना जिससे यात्रियों की सुरक्षा को खतरा हो, एक बेहद गंभीर और गैर-जमानती अपराध है। इस धारा के अंतर्गत दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को सीधे 5 साल तक की कठोर जेल की सजा हो सकती है।














