शातिर आरोपी को आरपीएफ ने चिरगांव से किया गिरफ्तार
झांसी। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट वीरांगना लक्ष्मीबाई, झांसी द्वारा ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पूछताछ एवं स्वीकारोक्ति के आधार पर ट्रेनों पर पथराव से संबंधित कुल पांच मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया है।
27 जून 2026 को मुस्तरा – झाँसी रेलखंड पर संचालित गाड़ी संख्या 11124 बरौनी–ग्वालियर मेल पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा पथराव कर एक कोच का शीशा क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। इस संबंध में रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट वीरांगना लक्ष्मीबाई, झांसी पर रेलवे अधिनियम की धारा 153, 141 एवं 145 के तहत मामला पंजीकृत कर गहन जांच प्रारंभ की गई।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के निर्देशन पर रेलवे सुरक्षा बल द्वारा व्यापक स्तर पर सुराग एवं तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जांच की गई। इसी क्रम में 29 जून 2026 को घटना में संलिप्त अभियुक्त अर्जुन पाल पुत्र हल्के पाल (38 वर्ष) निवासी ग्राम कटिया, थाना छतरपुर, जिला छतरपुर (मध्य प्रदेश) को चिरगांव रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसने उक्त घटना के अतिरिक्त चार अन्य ट्रेनों पर भी पथराव कर कोचों के शीशे क्षतिग्रस्त किए थे। अभियुक्त द्वारा बताए गए सभी घटनास्थलों की मौके पर शिनाख्ती कराई गई। अभिलेखों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के मिलान में यह पुष्टि हुई कि इन घटनाओं के संबंध में रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट वीरांगना लक्ष्मीबाई, झांसी पर पूर्व से अपराध क्रमांक 1111/2026, 1127/2026, 1201/2026 एवं 1206/2026 के अंतर्गत रेलवे अधिनियम की धारा 153 में मामले पंजीकृत थे। इस प्रकार अभियुक्त की स्वीकारोक्ति, घटनास्थलों की शिनाख्ती तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कुल पांच मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया।
पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने यह भी बताया कि वह विभिन्न ट्रेनों में चढ़कर कोचों में झाड़ू लगाने का कार्य करता था तथा यात्रियों से पैसे मांगता था। यदि कोई यात्री उसे झाड़ू लगाने से मना करता, पैसे देने से इंकार करता अथवा उसे ट्रेन से उतार देता, तो वह प्रतिशोध की भावना से संबंधित ट्रेन पर पथराव कर देता था।
अभियुक्त ने यह भी स्वीकार किया कि प्रीमियम ट्रेनों की पैंट्रीकार का कुछ स्टाफ ट्रेन से कचरा उतार कर कचरा वाहन में लोड कराने के एवज में उसे भोजन एवं कुछ धनराशि दे देता था। किंतु जब रेलवे सुरक्षा बल के जवान उसे इस प्रकार की गतिविधियों से रोकते थे, तब वह आक्रोशवश आउटर क्षेत्र में जाकर ट्रेनों पर पथराव करता था। इन तथ्यों का खुलासा अभियुक्त द्वारा पूछताछ के दौरान स्वयं किया गया है।
यह उल्लेखनीय है कि ट्रेनों पर पत्थरबाजी जैसी घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करती हैं तथा रेलवे संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाती हैं। ऐसे मामलों के प्रति रेलवे सुरक्षा बल पूर्ण संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ कार्रवाई कर रहा है।
इनकी रही अहम भूमिका यह संपूर्ण कार्रवाई वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त जीतेन्द्र कुमार शर्मा के निर्देशन एवं प्रभारी निरीक्षक योगेश राणा के नेतृत्व में संपन्न की गई। अभियान में उप निरीक्षक अंकित कुमार, कांस्टेबल रवि यादव व रविन्द्र कुमार त्रिपाठी की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।
गंभीर दुष्परिणामों की जानकारी दी रेलवे सुरक्षा बल द्वारा रेलवे लाइन के आसपास निवास करने वाले नागरिकों से लगातार जनसंपर्क कर उन्हें ट्रेनों पर पथराव जैसी घटनाओं के गंभीर दुष्परिणामों से अवगत कराया जा रहा है। साथ ही लोगों को यह भी स्पष्ट रूप से सचेत किया गया है कि यदि उनके परिवार अथवा बच्चों की इस प्रकार की किसी भी आपराधिक गतिविधि में संलिप्तता पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध रेलवे अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
आम जन से अपील रेलवे सुरक्षा बल आमजन से अपील करता है कि रेल यात्रियों की सुरक्षा एवं रेलवे संपत्ति की रक्षा में अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करें तथा रेलवे परिसर अथवा रेलमार्ग के आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल रेलवे सुरक्षा बल अथवा संबंधित रेलवे अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।














