

झांसी। जंगली मकोय की भाजी खाने के बाद पिता-पुत्र और बहू को उल्टियां होने लगी हालत बिगड़ने पर तीनों को उपचार हेतु मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां पर इलाज के दौरान रविवार को झल्लीराम पांचाल (84) की मौत हो गई। उनके बेटे छत्रसाल (58) और बहू विद्यादेवी (55) की हालत चिंताजनक है।
थाना प्रेमनगर क्षेत्र अंतर्गत बिजौली के अटरियन रोड हनुमान मंदिर के निकट निवासी झल्लीराम पांचाल अपने बेटे छत्रसाल और बहू विद्यादेवी के साथ रहते थे। छत्रसाल के बेटे हरदीप और विकास बाहर नौकरी करते हैं। हरदीप ने बताया-रोजाना की तरह शनिवार रात को पिता छत्रसाल मंदिर गए थे। वहां चना और गुड़ का प्रसाद चढ़ाया था। वहां भी कुछ प्रसाद मिला था। घर आने के बाद तीनों ने प्रसाद खाया।
हरदीप ने बताया- घर में मकोय की भाजी बनी थी। सबसे पहले दादा झल्लीराम ने खाना खाया। फिर पिता ने खाना खाया और कुछ देर बाद मां ने खाना खाया। रात लगभग 10 बजे तीनों की हालत बिगड़ गई। तीनों को उल्टी होने लगी। मां ने आसपास के लोगों की सूचना दी। इसके बाद लोगों ने किसी तरह तीनों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। जहां झल्लीराम की हालत नाजुक हो गई। इलाज के दौरान रविवार को उनकी मौत हो गई। अभी छत्रसाल और उसकी पत्नी विद्यादेवी का इलाज चल रहा है। पुलिस इस मामले को फूड प्वाइजनिंग से जोड़ कर देख रही है।
मृतक झल्लीराम पांचाल मूलरूप से उल्दन थाना क्षेत्र के अमनपुरावार गांव के रहने वाले थे। पिछले 18 साल से बिजौली के अटारियन रोड पर प्राचीन हनुमान मंदिर के पास रह रहे थे। झल्लीराम का एक बेटा छत्रसाल और दो बेटियां हैं। तीनों की शादी हो चुकी है।














