बरुआपुरा ग्राम प्रधान समेत तीन पर एफआईआर
झांसी। जनपद के थाना रक्सा क्षेत्र अंतर्गत दलित विधवा के साथ बीडा में भूमि अधिग्रहण के मुआवजे के नाम पर कथित रूप से ₹12 लाख की धोखाधड़ी करने के मामले में बरुआपुरा ग्राम प्रधान सहित तीन लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी सदर, जनपद झांसी द्वारा की जा रही है।
एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ता विधवा कलावती मूल निवासी करैरा शिवपुरी मप्र ने बताया कि उनकी पैतृक कृषि भूमि (गाटा संख्या 806/1) के बीडा में अधिग्रहण के बदले लगभग ₹27.81 लाख का मुआवजा स्वीकृत हुआ था। आरोप है कि जगभान यादव (तत्कालीन/वर्तमान ग्राम प्रधान), निवासी ग्राम बरुआपुरा, थाना रक्सा, जनपद झांसी ने अपने सहयोगियों गयादीन यादव प्रधान का अंगरक्षक निवासी ग्राम बरुआपुरा, जिसे BIDA का फर्जी अधिकारी बताकर प्रस्तुत किया गया तथा हेमंत कुमार अहिरवार निवासी ग्राम बरुआपुरा, जिसे BIDA का फर्जी लेखपाल बताकर परिचित कराया गया, के साथ मिलकर विधवा को झांसा दिया।
तहरीर के अनुसार सरकारी प्रक्रिया सुरक्षा गारंटी का हवाला देकर महिला से जिला सहकारी बैंक झांसी के हस्ताक्षरित चार चेक ले लिए गए और बाद में उन्हीं चेकों के माध्यम से ₹12 लाख की राशि बैंक खाते से निकाल ली गई। जब महिला ने बैंक से खाता विवरण प्राप्त किया, तब कथित धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। शिकायत में जातिसूचक अपमान और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। इस पर पीड़िता ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार की।
इस मामले में पुलिस ने धारा 61 (2) (आपराधिक षड्यंत्र), धारा 319(2) (प्रतिरूपण कर धोखाधड़ी), धारा 318 (4) (धोखाधड़ी), धारा 316(2) (जालसाजी), धारा 352 (जानबूझकर अपमान), धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) भारतीय न्याय संहिता, 2023 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3 (2) (va) के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।














