– चौबीस राज्य भाषा और संस्कृति पर बने तो बुंदेलखंड राज्य क्यों नहीं बना
– होटल में राज्य दो वोट लो, अभी नहीं तो कभी नहीं पर बुन्देलखण्ड राज्य समर्थकों ने किया मंथन

झांसी। पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने दावा किया कि उन्होंने पृथक बुंदेलखंड राज्य का विगुल अपने विधायक पुत्र (बृजभूषण राजपूत गुड्डू भैया) के टिकट के लिए दबाव बनाने के लिए नहीं फूंका है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह प्रेशर पालिटिक्स नहीं है, मेरे पुत्र का टिकट कल काटते थे, आज काट दो। बुंदेलखंड राज्य के लिए जंग बृजभूषण सिंह भी लड़ेंगे। वह चरण धो कर पीने को तैयार हैं पर बुंदेलखंड राज्य दे दो।
गौरतलब है कि महोबा की चरखारी सीट से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत का विवाद उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से हुआ था। यह विवाद ‘जल जीवन मिशन’ के तहत गांवों में सड़कों की खुदाई के बाद उन्हें ठीक न करने और विकास कार्यों में लापरवाही को लेकर हुआ था, जिसके विरोध में विधायक ने अपने समर्थकों और ग्राम प्रधानों के साथ मंत्री का काफिला रोक लिया था। इसे पार्टी ने गंभीरता से लिया था।
शुक्रवार को स्थानीय होटल में मीडिया से रू-ब-रू बुंदेलखंड राज्य बनाओ मोर्चा के प्रमुख पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने “राज्य दो और वोट लो, राज्य नहीं तो वोट नहीं” के नारे को बुलंद करते हुए कहा कि अभी नहीं तो कभी नहीं, पृथक बुंदेलखंड राज्य के लिए विधानसभा चुनाव के समय से अच्छा कोई नहीं है। जब लोहा गर्म हो तभी चोट करना चाहिए। चुनाव में ही नेता दबते हैं, वोट पर चोट करेंगे, युद्ध सोशल मीडिया पर लड़ेंगे।
उन्होंने बुंदेलखंड राज्य के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्व शंकर लाल मेहरोत्रा का स्मरण करते हुए कहा कि पृथक बुंदेलखंड राज्य बनाने की वर्षों से चल रही लड़ाई के बाद भी आज तक राज्य का निर्माण नहीं हो सका। इस पर बुंदेलखंड राज्य बनाने के लिए अब नया प्रयोग किया जा रहा है। बुंदेलखंड लड़ने लायक नहीं बचा है, भूखों मर रहा है इसलिए बुंदेलखंड राज्य की लड़ाई सोशल मीडिया पर होगी और 19 सीटों पर दबाव बनाया जाएगा।
उन्होंने राजा बुंदेला के बुंदेलखंड राज्य के लिए किए जा रहे संघर्ष पांव पांव, गांव गांव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह पांव पांव नहीं चल कर गाड़ियों से चल कर बुंदेलखंड को जगाएंगे। बुन्देलखण्ड राज्य के नाम पर राजनीति चमकाने के सवाल के जवाब में पूर्व सांसद ने कहा कि बुन्देलखण्ड राज्य के नाम पर राजनीति चमका रहा हूं पर बुंदेलखंड राज्य दे दो।
इस दौरान मुख्य वक्ता पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत ने कहा कि जब भाषा और संस्कृति के आधार पर देश में चौबीस पृथक राज्य बन सकते हैं, तो भाषा और संस्कृति के आधार पर बुंदेलखंड राज्य क्यों नहीं बन सकता। इसके लिए उन्होंने कहा कि कई वर्षों से लड़ाई लड़ी जा रही है। उन्होंने शंकर लाल मल्होत्रा, राजा बुंदेला, भानु सहाय सहित सभी उन योद्धाओं के नाम लिए जो बुंदेलखंड राज्य निर्माण की लड़ाई लड़ रहे। उन्होंने उनके संघर्ष की सराहना की।
उन्होंने बताया कि वह बुंदेलखंड राज्य निर्माण के लिए शंकर लाल मेहरोत्रा के समय से लगातार संघर्ष कर रहे हैं और राज्य के मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गए। अब वह बुंदेलखंड राज्य बनाने के लिए सोशल मीडिया पर संघर्ष का नया प्रयोग कर रहे हैं, उन्होंने सीधे सीधे तौर पर कहा कि चुनावी दौर में राज्य दो वोट लो, अभी नहीं तो कभी नहीं की आवाज बुलंद की जाएगी।
गंगाचरण राजपूत ने उत्तराखण्ड के निर्माण में पत्रकारों के अहम योगदान की सराहना करते हुए इसी तर्ज पर पत्रकार, अधिवक्ता, समाजसेवी सभी से अपील करते हुए कहा कि हम सभी एक साथ अपनी आवाज लखनऊ, दिल्ली तक पहुंचाएं जिससे बुंदेलखंड राज्य निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो। श्री राजपूत ने अखिलेश यादव सहित सभी विपक्ष व सत्ता दल के नेताओं से भी अपील करते हुए कहा कि सभी एक स्वर में बंदेलखंड राज्य की मांग करे जिससे जल्द से जल्द पृथक बुंदेलखंड राज्य का निर्माण हो।
उन्होंने बुंदेलखंड राज्य के लिए पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री मायावती द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी अपील करते हुए कहा कि वह बुंदेलखंड राज्य के प्रस्ताव को सदन में पास कराकर दिल्ली भेजें जिससे बुंदेलखंड राज्य जल्द बन सके।
इस दौरान उन्होंने भुखमरी से बचाने के लिए निशुल्क राशन वितरण कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का धन्यवाद व्यक्त किया, किंतु रोजगार के लिए बुंदेलखंड से अन्य राज्यों के लिए हो रहे वृहद पलायन पर भी गहन चिंता जताई।
बुंदेलखंड राज्य बनाओ मोर्चा की बैठक में बुंदेलखंड राज्य के लिए संघर्षरत संगठनों सहित विभिन्न वर्ग के प्रतिनिधियों के साथ मंथन, चिंतन किया गया और निर्णय लिया गया कि राज्य दो वोट लो के नारे को बुलंद किया जाए क्योंकि अभी नहीं तो कभी नहीं। इस दौरान कुं सत्येंद्र पाल सिंह, शैलेन्द्र मोहन अवस्थी, रेनू गोस्वामी (अंतरराष्ट्रीय हेंडबाल प्लेयर), वरिष्ठ पत्रकार अनिल शर्मा, रामसेवक अरजरिया, वरिष्ठ समाजसेवी संदीप सरावगी, दिनेश भार्गव, अखिलेश त्रिपाठी आदि ने बुंदेलखंड राज्य निर्माण की जबरदस्त वकालत करते हुए बताया कि राज्य बनने से बुंदेलखंड की आर्थिक उन्नति व विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विभिन्न क्षेत्रों के बुंदेलखंड राज्य समर्थकों ने उपस्थिति दर्ज कराई। अतिथियों का स्वागत महेन्द्र मोहन अवस्थी ने किया। कार्यक्रम का व्यवस्थित संचालन सुरेन्द्र सक्सेना ने किया।
गंगा चरण राजपूत का राजनीतिक सफर
पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत अपने राजनीतिक करियर में जनता दल, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में रहे हैं。वह मूल रूप से अब भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं।














