2 साल पहले हुई थी शादी, सास कहती- कद छोटा, इसलिए बच्चे भी नहीं होते
झांसी। वह शरीर से बौनी (हाइट साढ़े 4 फीट) थी, किंतु उसे इसका मलाल नहीं था, उसने ग्रेजुएशन किया व जाब करने लगी और जब वैवाहिक बंधन में बंध गई तो जिंदगी में बहार आ गई, किंतु शादी के दो वर्ष के अंतराल में बच्चा नहीं होने पर आए दिन सास के तानों व उपेक्षा ने खुशियों पर ऐसा ग्रहण लगाया कि उसने इस संसार को ही अलविदा कर दिया।
यह हक़ीक़त उस बोनी युवती की है जिसने बौनी होने के बावजूद जिंदगी की खुशियों के लिए संघर्ष किया पर हार गयी और सवाल छोड़ गई कि बौना होना कलंक है?झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र के न्यू गल्ला मंडी निवासी ताऊ परमानंद साहू ने बताया- उसकी भतीजी रितू उर्फ रूबी (31) जो कद में बौनी थी का रिश्ता मुकेश साहू निवासी चंदेरा टीकमगढ़ मप्र से तय हुआ था। लड़के ने रूबि को पसंद कर लिया था, लेकिन उसकी मां नहीं चाहती थी कि शादी हो। क्योंकि रूबी ठिंनगे कद की थी और उसकी हाइट साढ़े 4 फीट थी। जबकि लड़का की हाइट लगभग साढ़े 5 फीट है।
मां की आपत्तियों को दरकिनार कर मुकेश ने अपनी मर्जी से 4 फरवरी 2024 को शादी कर ली थी। रूबी के पिता नहीं थे तो भाइयों और रिश्तेदारों ने मिलकर लगभग 8 लाख रुपए की शादी की थी। रूबी बीए कर चुकी थी और जॉब करती थी। विवाह के बाद रूबी की खुशियों को पर लग गये क्योंकि मुकेश उसका बहुत ख्याल रखता था। इसके विपरीत शादी के लगभग 8 महीने बाद ही सास ताने देने लगी कि तुम्हारे बच्चे नहीं होने हैं। तुम बहुत ठिंनगे कद की हो, इसलिए अभी तक प्रेग्नेंट नहीं हुई हो। सास शादी या किसी पारिवारिक समारोह में जाती थी तो बहू रूबी को साथ नहीं ले जाती थी। ताने देती थी कि शादी में भी पैसे कम दिया, हमारे बेटे के लिए कई रिश्ते आ रहे थे। इन ताने की वजह से रूबी बहुत परेशान रहती थी और अपनी नानी व घरवालों को सब कुछ बताती थी।
ताऊ का आरोप है कि प्रताड़ना के चलते रूबी ने मृत्यु के 3 दिन पहले ससुराल में जहर खा लिया, किंतु उन लोगों को सूचना नहीं दी। घर के आसपास के अस्पतालों में दिखाते रहे। हम लोगों ने फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया किंतु बात नहीं कराई। हालत बिगड़ी तो 21 जुलाई की रात को झांसी लाए व प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया पर उन्हें खबर नहीं दी। जबकि वह लोग झांसी में ही रहते हैं। 22 जुलाई की सुबह फोन कर बताया कि रूबी सीरियस हैं, उसके पेट में दर्द और शुगर है, प्राइवेट अस्पताल में भर्ती है पर यह नहीं बताया कि उसने ज़हर खा लिया है। सूचना मिलते ही वह लोग अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर ने बताया कि जहर खाया है। इलाज के दौरान रूबी की गुरुवार दोपहर 2 बजे मौत हो गई।
पति बोला- आखरी बार बच्चे को लेकर बात हुई थी
पति मुकेश साहू ने बताया- पत्नी रूबि के बच्चे नहीं हो रहे थे, उसी को लेकर आखरी बार बात हुई थी। मैंने कहा कि बंधेज कराएंगे तो तुम एक साल तक घर से बाहर नहीं निकल पाओगी। ये सुनते ही पत्नी ने मना कर दिया। इसी बात को लेकर बातचीत हुई। इसके बाद हम लोग सो गए। रात में पत्नी बाहर उल्टी कर रही थी तो जाकर देखा। तबीयत ज्यादा खराब होने पर स्थानीय अस्पताल ले गए। तब रूबि ने डॉक्टर को बताया कि उसने गुस्से में चूहा मारने वाली दवा खा ली। तबीयत बिगड़ने पर झांसी लाए। यहां पर इलाज के दौरान रूबि की मौत हो गई।
इस मामले में सास काव्या बाई का कहना है कि वह सो रही थी, जब बहू उल्टी करने लगी तो पता चला। पूछने पर बोली कि पेट दर्द कर रहा है। तब अस्पताल ले गए। मेरी भी बहू थी तो मैं कोई ताने नहीं मारती थी, आरोप ग़लत हैं।














