सात वर्ष पूर्व खेत की रखवाली करते समय बनाया था हवस का शिकार
झांसी। विशेष न्यायाधीश अनु. जाति और अनु. जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, नेत्रपाल सिंह के न्यायालय ने एरच थाना क्षेत्र में वृद्धा से दुष्कर्म करने का दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त ककरबई के ग्राम धनोद निवासी भज्जू ढीमर को उम्र कैद व दो लाख रुपए अर्थदंड से दंडित करने का फैसला सुनाया है।
विशेष लोक अभियोजक केशवेन्द्र प्रताप सिंह व कपिल करौलिया के अनुसार वादिया /पीड़िता ने 24 अगस्त 2019 को थाना एरच पर रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि 23 अगस्त को शाम करीब 4 बजे वह अपने खेत में तिली की फसल की रखवाली कर रही थी तभी अचानक थाना ककरबई क्षेत्र अंतर्गत धमनौड निवासी भज्जू पुत्र प्रकाश ढीमर आया, जबरन बुरी नीयत से पकड़ कर उसकी आंखें व पैर बांध कर उसके साथ दुष्कर्म किया और भाग गया। पीड़िता पति और परिवार के लोगों को लेकर थाने पहुंची , जहां अपनी आपबीती सुनाई। वादिया की तहरीर के आधार पर थाना एरच पर अभियुक्त भज्जू ढीमर के विरुद्ध धारा-376 भारतीय दण्ड संहिता एवं धारा 3(2) व्ही एस.सी./एस.टी. एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। विवेचना उपरांत आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया गया।
न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर दोषसिद्ध अपराधी भज्जू ढीमर को धारा-376 भारतीय दण्ड संहिता में दण्डनीय अपराध के लिए 14 वर्ष के कठोर कारावास एवं एक लाख रूपये के अर्थदण्ड , अर्थदण्ड अदा न करने पर 6 माह के अतिरिक्त कठोर कारावास , धारा 3(2) व्ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम में अपराध के लिए आजीवन कारावास एवं एक लाख रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड अदा न करने पर उसे 6 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
अपराधी पर अधिरोपित अर्थदण्ड की धनराशि में से 1,50,000 रूपए की धनराशि वादिया/पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में अपील अवधि समाप्त होने के बाद एवं अपील किये जाने पर अपीलीय न्यायालय के आदेशानुसार प्रदान की जायेगी।














